गोपीगंज/जंगीगंज/सीतामढ़ी। मौनी अमावस्या के शुभ मुहूर्त में बुधवार को जिले के विभिन्न गंगा घाटों पर पुण्य की डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। ब्रह्म मुहूर्त से स्नान-दान का सिलसिला शुरू हुआ, जो शाम तक चलता रहा। रामपुर, सेमराध और सीतामढ़ी समेत अन्य घाटों पर दो लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया।
गंगा घाटों पर मौनी अमावस्या के स्नान की तैयारियां कई दिनों से रही थीं। इस बीच मंगलवार की देर रात प्रयागराज में हुए हादसे के बाद जिला प्रशासन चौकन्ना गया और घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। घाटों पर तैनात पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान कराकर बाहर निकालते रहे।
रामपुर, गुलौरी, चतुर्मुखी, बिहरोजपुर, बेरासपुर, जहागीराबाद, भवानीपुर, सेमराध और सीतामढ़ी घाट पर करीब दो लाख 10 हजार श्रद्धालुओं ने स्नान किया। वहीं, महाकुंभ प्रयागराज में हादसे के बाद बाहर से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को जिले में ही रोक दिया गया। ऐसे में पश्चिम बंगाल, बिहार और असम से आए श्रद्धालुओं ने भी रामपुर, सेमराध और सीतामढ़ घाट पर गंगा में डुबकी लगाई। स्नान-दान और पूजन के साथ उन्होंने परिवार के साथ सेल्फी भी ली। इसके चलते घाटों पर शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
सेमराध कल्पवास मेले के संयोजक और महंत पं. करुणाशंकर दास ने बताया कि सेमराध नाथ घाट पर करीब 90 हजार श्रद्धालुओं ने गंगा डुबकी लगाई है। वहीं, रामपुर और सीतामढ़ी घाटों पर भी करीब सवा लाख लोगों ने गंगा स्नान किया। आचार्य गणेश पांडेय ने बताया कि मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान से कई जन्मों के पाप कट जाते हैं और पितरों का आशीर्वाद भी मिलता है।
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सड़क से लेकर घाटों तक मुस्तैद रही पुलिस
ज्ञानपुर। मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं के भीड़ के मद्देनजर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। सड़क से लेकर घाटों तक पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। महिला पुलिस भी श्रद्धालुओं की सहायता में लगाई गई थीं। वहीं, सभी प्रमुख घाटों पर गोताखोरों की भी तैनाती की गई थी।
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इन प्रमुख घाटों श्रद्धालुओं ने किया स्नान
सीतामढ़ी - 50 हजार
सेमराध- 90 हजार
रामपुर घाट- 70 हजार