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Bhadohi News: पांच होल्डिंग एरिया और हाईवे पर चार जगह 13 घंटे तक रोके पांच हजार वाहन

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ज्ञानपुर। प्रयागराज महाकुंभ में हादसे की जानकारी मिलते ही बुधवार को भोर में ही प्रयागराज जाने वाले पांच हजार से ज्यादा वाहनों को रोक दिया गया। पांच होल्डिंग एरिया और हाईवे पर चार जगह करीब 13 घंटे तक वाहन खड़े रहे। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब साढ़े चार बजे के बारी-बारी वाहनों को छोड़ा गया। इस बीच डीएम और एसपी समेत सभी अधिकारी हाईवे पर चक्रमण करते रहे।
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मौनी अमावस्या के पावन स्नान पर महाकुंभ में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस बीच बुधवार को भोर में प्रयागराज में हादसे की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। औराई स्थित काशीराज इंटर कॉलेज, गोपीगंज में गुलाबधर मिश्र इंटर कॉलेज, गोपीगंज के रामलीला मैदान, राजपूत ढाबा के पीछे और ऊंज में रामदेव पीजी कॉलेज के पास बने होल्डिंग एरिया वाहन रोक दिए गए। वहीं, औराई और गोपीगंज के इंटर कॉलेज के मैदान पर चार-चार सौ वाहन खड़े कराए गए। होल्डिंग एरिया फुल होने के बाद हाईवे पर ऊंज, लालानगर टोल प्लाजा, औराई ओवरब्रिज और बाबूसराय में बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों को रोक दिया। इन सभी जगहों पर एक से दो किमी तक वाहनों की कतारें लगी रहीं। सड़कों पर फंसे यात्री दिन चढ़ने के बाद परेशान होने लगे। इससे लोगों को संभालने में अधिकारियों को खासी मशक्कत करती रही। लोगों को समझाने-बुझाने के साथ बीच-बीच में उनका बढ़ाने के लिए हर-हर महादेव और गंगा मइया के जयकारे लगवाते रहे। करीब 13 घंटे बाद करीब साढ़े चार बजे वाहनों को बारी-बारी से रवाना किया गया। पहले ऊंज सीमा के पास खड़े वाहनों को छोड़ा गया। इसके बाद गोपीगंज और औराई फिर बाबूसराय के पास रोके गए लोगों को छोड़ने के साथ होल्डिंग एरिया से लोगों प्रयागराज रवाना किया गया।

......जान बची रहेगी तो कहीं भी स्नान कर लेंगे
घंटों जाम में फंसे रहने के बाद भी लोगों का सब्र देखते बना। हालांकि कुछ लोग अपने परिजनों की सेहत की चिंता को लेकर परेशान दिखे और प्रशासन ने वाहनों की छोड़ने की मिन्नत कर रहे थे। बनारस के राजीव की 12 की बेटी की तबीयत बिगड़ गई थी। जाम के कारण उनकी गाड़ी निकल नहीं पा रही थी। उन्होंने कहा कि 9 घंटों से फंसा हुआ हूं। जान बची रहेगी तो बाद में स्नान कर लेंगे, लेकिन अभी मेरी गाड़ी निकलवाई जाए। इसी तरह बिहार की 56 वर्षीय सरिता की भी तबीयत बिगड़ने लगी। हालांकि प्रशासन की ओर से लगाई गईं एबुलेंस से ऐसे लोगों को सहायता उपलब्ध कराई गई।
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जाम से ज्यादा दुकानदारों की मनमानी से परेशान हुए श्रद्धालु
हाईवे पर वाहन रोकने के बाद दुकानदारों को तो जैसे मौका मिल गया। प्रशासन की बार-बार अपील के बाद भी कई दुकानदार दोगुने से भी ज्यादा कीमत पर सामान बेच रहे थे। पश्चिम बंगाल से आई सोमा ने बताया कि वे पूरे परिवार के साथ प्रयागराज जा रही है। बताया कि दुकानदारों ने दोगुनी कीमत लेकर खाने-पीने का सामान लोगों को बेचा। बताया कि एक दर्जन केला की कीमत 200 रुपये चुकानी पड़ी। इसी तरह बिहार से अरविंद कन्नौजिया ने बताया कि दो लीटर का पानी की बोतल 40 रुपये में मिली। वहीं फल और खाने-पीने के अन्य सामान के मनमाने दाम वसूले गए।


जहां जगह मिली, वहीं बनाया भोजन
महाकुंभ जाने वाले बहुत से ऐसे लोग थे, जो पूरे परिवार के साथ आए थे। घंटों जाम में फंसने के कारण खाने-पीने के लिए लोग परेशान रहे। प्रशासन की ओर से किए गए इंतजाम का काफी लोगों ने लाभ उठाया, लेकिन कई परिवार ऐसे थे, जो सड़क किनारे गैस जलाकर खाना बना रहे थे। इसके बाद पूरे परिवार ने खाना खाया।

हाईवे पर चक्रमण करते रहे अधिकारी
जिलाधिकारी विशाल सिंह, पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक, सीडीओ डॉ. शिवाकांत द्विवेदी और एडीएम कुंवर वीरेंद्र मौर्य हाईवे पर लगातार चक्रमण करते रहे। वहीं, एडिशनल एसपी डॉ. तेजबीर सिंह ने लालानगर टोल प्लाजा पर मोर्चा संभाला था। औराई ओवरब्रिज के पास सीओ भदोही, ऊंज के पास सीओ औराई प्रभात राय और बाबूसराय के पास सीओ ज्ञानपुर चमन सिंह चावड़ा मुस्तैद रहे। पुलिस के अलावा पीएससी और एसएसबी की जवान भी डटे रहे।

17 किमी पैदल चल कर पहुंचे थे संगम
प्रयागराज महाकुंभ से लौटने वाले श्रद्धालु जान बचने पर भगवान का धन्यवाद कर रहे थे। बिहार के रोहतास निवासी दुखरन ने बताया कि जब वह नहाकर लौट रहे थे, तभी संगम के पास अचानक लोग भागने लगे। भीड़ में किसी तरह से उन्होंने अपनी जान बचाई। बताया उनके सामने ही तीन लोग गिर गए। इसी तरह बनारस के आशीष पांडेय ने बताया कि करीब 17 किमी पैदल चल कर वह संगम तट पर पहुंचे थे। इसी बीच भीड़ बेतहाशा भागने लगी। किसी तरह एक किनारे खड़े हो गए। भीड़ खत्म हुई, तो हम वहां से निकले।

मेहमान नवाजी से खुश हुए नेपाल के पर्यटक
गोपीगंज के गुलाबधर मिश्र इंटर कॉलेज में बने होल्डिंग एरिया में नेपाल की राजधानी काठमांडू के करन अपने परिवार के साथ ठहरे थे। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने उनकी गाड़ी को यहां रोका है। वह अपनी बहन और पत्नी के साथ प्रयागराज जा रहे थे। बताया कि हम यहां भोर तीन बजे से यहां पर हैं, लेकिन कोई परेशानी नहीं हुई। लोगों ने काफी मदद की। उन्होंने शिविर में ही परिवार के साथ खिचड़ी भी खाई।
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अस्पतालों में भी रही पूरी सतर्कता
प्रयागराज हादसे के बाद सीएमओ डॉ. एसके चक ने जिले के सभी अस्पतालों में अलर्ट जारी कर दिया। हाईवे किनारे स्थित अस्पतालों के अलावा जिला अस्पतालों के डॉक्टरों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद कर उन्हें वापस बुलाया गया। इमरजेंसी में दवाओं के पर्याप्त स्टॉक के साथ अन्य जरूरी सुविधाएं दुरुस्त कराई गईं। सीएमओ ने चिकित्सकों को सख्त हिदायत दी कि किसी हाल में जिला नहीं छोड़ना है।

वर्जन
भोर में साढे तीन बजे प्रयागराज से हादसे की सूचना मिलते ही वाहनों को रोकना शुरू किया गया। करीब 13 घंटे तक जिले में पांच हजार वाहन खड़े कराए गए थे। दोपहर बाद साढ़े चार बजे बारी-बारी वाहनों को छोड़ा गया। बड़ी बसों समेत अन्य वाहनों में सवार लोगों की संख्या 50 से 60 हजार के बीच है। सभी जगहों पर स्थिति सामान्य रही। - अभिमन्यु मांगलिक, पुलिस अधीक्षक, भदोही।
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