जंगीगंज। जगापुर मिश्रान में स्थित 300 साल पुराने ऐतिहासिक हनुमान मंदिर की तस्वीर जल्द ही बदल जाएगी। सेमराधनाथ समेत कई धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार करा चुके उद्यमी निखिलेश मिश्र ने मंदिर के जीर्णोद्धार का बीड़ा उठाया है। महाराष्ट्र से आए कारीगरों ने मंदिर की नक्काशी शुरू कर दी है। दो मार्च तक मंदिर के जीर्णोद्धार का काम पूर्ण हो जाएगा। तीन से पांच मार्च तक मंदिर पर धार्मिक आयोजन होगा।
डीघ ब्लॉक के जगापुर मिश्रान गांव में करीब 300 साल पूर्व बघेल राजाओं की ओर से स्थापित हनुमान मंदिर मरम्मत के अभाव में जीर्ण-शीर्ण हो गया है। माह भर पूर्व घियहा परिवार के पं. निखिलेश मिश्र ने मूर्तिस्थल को छोड़कर मंदिर के जीर्णोद्धार की शुरुआत की। महाराष्ट्र से बुलाए गए कारीगर 60 फीट ऊंचे गुबंद को सुंदर नक्काशी से आकर्षक बना रहे हैं। बेशकीमती ग्रेनाइट पत्थरों से मंदिर को भव्य बनाने का काम चल रहा है। श्री मिश्र के उठाए गए कदम की लोग सराहना कर रहे हैं। इसके पूर्व वह बाबा सेमराधनाथ धाम, गोपीगंज के माता दुर्गा मंदिर, कड़ाधाम समेत कई मंदिरों का पुनरोद्धार करा चुके हैं। आसपास के कई गांवों में मंदिर के प्रति लोगों की गहरी आस्था है। मंदिर निर्माण के बाद धार्मिक आयोजन भी ऐतिहासिक होगा। तीन से पांच मार्च तक होने वाले आयोजन में संत भगवत स्वरूप सर्वेश्वर ब्रह्मचारी जी महाराज, बीएचयू के डॉ. भगवत शरण शुक्ल, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेश चंद्र पांडेय, पूर्व आईएएस डॉ. एसके पांडेय भी शिरकत करेंगे। आयोजक निखिलेश मिश्र ने कहा कि तीन मार्च को कलश स्थापना होगी। पांच मार्च को समापन पर भंडारा आयोजित किया गया है। गाय के घी से निर्मित 51 क्विंटल लड्डुओं का महाप्रसाद हनुमान जी को भोग चढ़ाया जाएगा। आसपास के 50 गांवों में घर-घर हनुमान चालीसा की प्रति वितरित की जाएगी।