गोपीगंज। महाकुंभ में 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के पवित्र स्नान के लिए श्रद्धालुओं का रेला स्टेशन पर उमड़ पड़ा। सोमवार को जिले के विभिन्न रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप, निजी वाहन स्टैंड पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिखी। ट्रेनें पूरी तरह से भरी हुई हैं, इसमें चढ़ने के लिए यात्रियों को जद्दोजहद करनी पड़ी।
जिले के ज्ञानपुर स्टेशन रोड, माधोसिंह, सराय जगदीश समेत जंघई-वाराणसी रूट पर भदोही, मोढ़ स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी। एक ट्रेन छूट रही है, तो दूसरी ट्रेन से स्नानार्थी महाकुंभ पहुंच रहे हैं। यही हाल वाराणसी-प्रयागराज हाईवे के बस डिपो का है। सोमवार को ज्ञानपुर रोड स्टेशन पर ट्रेन में बैठने के लिए यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। यही हाल दूसरे स्टेशनों पर रही। ज्ञानपुर रोड स्टेशन पर वाराणसी से प्रयागराज जाने वाली स्पेशल ट्रेन पूरी तरह से भरी थी, ट्रेन रूकी, तो महाकुंभ जाने के लिए ट्रेन में यात्री चढ़ने लगे। इस दौरान जब ट्रेन चलने लगी तो ऊंज क्षेत्र की महिला सीता देवी (45) का ट्रेन में चढ़ते वक्त पांव फिसलकर प्लेटफॉर्म के नीचे चला गया, जीआरपी चौकी प्रभारी सत्येंद्र प्रताप सिंह की निगाह पड़ी तो गार्ड से ट्रेन रोकने की आवाज लगाई, दौड़कर उसकी जान बचाई। दूसरी ट्रेन आने पर महिला को बैठाया गया। डूहिया भावसिंहपुर निवासी आचार्य दीनानाथ शुक्ल ने बताया कि काशी से प्रकाशित पंचांग के मुताबिक मौनी अमावस्या स्नान पर्व 29 जनवरी को है। इस दिन मौन होकर स्नान करना चाहिए, पुराणों के अनुसार प्रयागराज के संगम तट पर त्रिवेणी में स्नान ध्यान से जन्म जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं। स्नान के पश्चात काले तिल के लड्डू, कंबल, दुशाला, धार्मिक पुस्तक, जूता समेत अन्य द्रव्य दान करना चाहिए। इससे अभीष्ट फल की प्राप्ति होती है।