एक दूसरे से मिलने के बाद गुरु चरण स्पर्श कर विदा हुए। वहीं रामपुर, इब्राहिमपुर एवं सीतामढ़ी में गंगा घाट पर भी काफी संख्या में श्रद्धालु डुबकी लगाने पहुंचे तथा स्नान, दान कर पुण्य कमाया।
काशी, प्रयाग और विंध्य के मध्य स्थित बाबा सेमराधनाथ धाम में करीब एक माह तक चले भजन, कीर्तन और संकीर्तन का मंगलवार को समापन हो गया।
मंगलवार भोर से ही गंगा तट पर श्रद्धालुओं ने स्नान कर दर्शन पूजन किया। उसके बाद एक-एक करके सामान समेटने लगे।
कल्पवास पूर्ण होने पर पुरुष कल्पवासी मुंडन भी कराया। महीने भर एक साथ रहे कल्पवासी विदाई के समय एक दूसरे मिलकर भावुक हो गए। एक दूसरे से मुलाकात कर गुरु का आशीर्वाद भी लिया। समापन पर आयोजित भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।
मेले में माह भर तक चलने वाला सीताराम संकीर्तन का भी मंगलवार को समापन हो गया। कल्पवास में सीताराम की गूंज एक माह तक 24 घंटे सुनाई दे रही थी लेकिन समापन के साथ वह गूंज भी बंद हो गई।
गुरु पद उत्तराधिकारी करूणाशंकर दास ने मेला बेहतर ढंग से संपन्न होने पर जिला प्रशासन, समिति के कार्यकर्ताओं आर सहयोगियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का मेले में भरपूर सहयोग मिला।