ज्ञानपुर। राज्य महिला आयोग की सदस्य नीलम प्रभात ने बुधवार को राजकीय गेस्ट हाउस सभागार में जनसुनवाई की। उन्होंने महिलाओं की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में 19 मामले सामने आए। इसमें घरेलू हिंसा के आठ और दहेज उत्पीड़न से जुड़े पांच मामले आए। इस दौरान तीन मामलों का निस्तारण किया गया। पिछले महीने के मामलों में सात का निस्तारण न होने पर संबंधित थानेदार पर नाराजगी जताई। आयोग की सदस्य के समक्ष महिलाओं ने 19 शिकायतें की। इसमें घरेलू हिंसा के आठ, दहेज उत्पीड़न के पांच, उत्पीड़न के दो, अस्पताल में इलाज न कराने का एक, मछली पालन के लिए तालाब की खोदाई न करने देने का एक मामला आया। उन्होंने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए। उनके समक्ष दो महिलाओं ने प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया कि उनके पतियों ने घर से निकाल दिया है। फोन पर धमकाते हैं। उन्होंने संबंधित थाना प्रभारियों को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। आयोग की सदस्य नीलम प्रभात ने शासकीय व निजी कार्यालयों, संस्थाओ, संगठन, उत्पाद, विक्रय, वितरण व सेवा केन्द्र, शिक्षण व प्रशिक्षण संस्थानों, नर्सिंग होम और अस्पतालों के प्रबंधक एवं अफसरों को निर्देश दिया कि जहां महिलाओं संग 10 पुरूष से अधिक कर्मचारी हों वहां आंतरिक परिवाद समिति का तत्काल गठन किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन कार्यस्थलों में समिति का गठन नहीं पाया जाएगा उन पर 50 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा। इस दौरान डीडीओ ज्ञान प्रकाश, प्रोबेशन अधिकारी शत्रुुघ्न कन्नौजिया, डीपीआरओ संजय मिश्रा, सीओ प्रभात राय, महेंद्र गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, प्रवीण गुप्ता, सीडीपीओ मंजू वर्मा आदि रहीं।
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जिला कारागार में महिला बंदियो से मिलकर जाना हाल
ज्ञानपुर। जन सुनवाई के पहले महिला आयोग की सदस्य नीलम प्रभात जिला कारागार पहुंची। महिला बंदियों को प्राप्त होने वाली सुविधाओं, विधिक सेवा, स्वास्थ्य सहित अन्य आयामों पर बल दिया। कारागार अधीक्षक अभिषेक सिंह ने महिला बंदियों द्वारा निर्मित राज्य महिला आयोग उत्तर प्रदेश लोगो अंकित कालीन भेंट किया।