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Bhadohi News: पंडालों में विराजेंगे गजानन, भक्तिमय होगा माहौल

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गणेश पूजनोत्सव के लिए जा रही भगवान गणेश की प्रतीमा। संवाद
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ज्ञानपुर। गणेश चतुर्थी का पर्व सोमवार से शुरू हो रहा है। इस अवसर पर जिले भर के 47 पंडालों में भगवान गजानन विराजेंगे। कई दिनों से चल रही तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं। जिले का माहौल भक्तिमय हो गया है। डीजे के धुन पर नाचते-गाते युवा रविवार की शाम पंडालों में विघ्नहर्ता की प्रतिमाएं लेकर पहुंचे। बाजार पूरी तरह से गुलजार रहे। समिति के लोग पंडाल को सजाने में व्यस्त रहे।
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ज्ञानपुर, सुरियावां, गोपीगंज, खमरियां, नई बाजार और भदोही शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में आकर्षक पंडाल सजाए गए हैं। पंडालों को रंग-बिरंगे फूल-मालाओं, गुब्बारों और आकर्षक लाइटों से सजाया गया है। कारीगर पंडालों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। सोमवार को शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गणपति की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसके बाद अगले 10 दिनों तक पूजा-पाठ, आरती और भजन-कीर्तन का दौर चलेगा। जगह-जगह लड्डू और मोदक का भोग लगाया जाएगा। गणेश उत्सव समितियों ने भक्तों के लिए प्रसाद और भंडारे की भी व्यवस्था की है। खमरिया नगर में 12 स्थानों पर पंडाल सजाए जाते हैं। यहां दास कार्पेट गली, जायसवाल मार्केट, मुख्य चौराहा, भुजवा का शिवाला, खलवापुर आदि स्थानों पर गणेश जी की प्रतिमा स्थापित की जाती है। इनमें भुजवा का शिवाला पर बीते 30 साल से गणेशोत्सव का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। वहीं सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी अलर्ट है। किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए जिले के प्रमुख चौराहों, पंडाल स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिनव त्यागी सभी थानाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि अपने-अपने क्षेत्रों में चक्रमण करते रहें। भाई-चारे के बीज लोग गणेशोत्सव का पर्व मनाएं। अग्निशमन अधिकारी ओम प्रकाश ने बताया कि पंडालों में आग से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में अग्निशमन यंत्र और बालू की बाल्टी रखना अनिवार्य है। शॉर्ट सर्किट से बचाव के लिए बिजली की वायरिंग सुरक्षित होनी चाहिए। कहीं भी तार खुले में न हों, इसका समिति को विशेष ध्यान रखना चाहिए। आपातकालीन स्थिति के लिए पंडाल में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग रास्ता होने चाहिए।
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