31 मार्च तक असलहों के सत्यापन न होने पर लाइसेंस निरस्त होने का खतरा देखते हुए असलहाधारकों में हड़कंप है। अमर उजाला में खबर छपने के बाद अब तक निष्क्रिय रहे असलहाधारकों में सत्यापन और लाइसेंस का रिकार्ड ऑनलाइन कराने की होड़ मच गई है। कलेक्ट्रेट स्थित शस्त्र कार्यालय में पिछले दो-तीन से असलहाधारकों की भीड़ उमड़ रही है। तीन-चार दिनों से भारी भीड़ होने के बावजूद अब भी जिले में लगभग पांच सौ असलहों का सत्यापन नहीं हो सका है। इसमें महज दो दिन का समय बाकी रह गया है। असलहाधारकों के देर से जागने से सत्यापन कर रहे अधिकारियों से लेकर थानों तक जमकर भागदौड़ कर रहे हैं।
कलेक्ट्रेट स्थित असलहा कार्यालय में प्रतिदिन कम से कम 50 से 75 लोग पहुंच रहे हैं। सत्यापन को लेकर कमियों को दुरुस्त करा रहे हैं। बताया जाता है कि ऐसे असलहाधारी जिन्होंने कुछ दिन पूर्व नवीनीकरण कराया था, लेकिन वे असलहों के ऑनलाइन कराने की प्रक्रिया से बेखबर थे, ऐसे लोग अधिक परेशान हैं।