ज्ञानपुर। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति का तुंरत उपचार न करने वाले निजी अस्पताल संचालकों की अब खैर नहीं है। मना करने पर अस्पताल का लाइसेंस रद्द किया जाएगा।
ये निर्देश बुधवार को जिलाधिकरी शैलेश कुमार ने कलेक्ट्रेट सभागार में जनप्रतिनिधियों के साथ हुई सड़क सुरक्षा समिति के बैठक में दिए हैं। बैठक में सेव लाइफ फाउंडेशन के सर्वे रिपोर्ट पर चर्चा की गई।
सर्वे रिपोर्ट के अनुसार इस साल 121 मौत सड़क हादसे में हुई है। मार्च, अप्रैल, मई में सबसे ज्यादा मौत सड़क दुर्घटना में होती है। बैठक में इन तीन माह में विशेष सर्तकता बरतने पर बल दिया गया।
विधायक और डीएम ने रोड शेफ्टी एक्शन प्लान पर बल दिए। हाईवे पर जगह-जगह निकटम अस्पताल का नाम व दूरी का साईनेज बोर्ड या बार-कोड एवं 108 नंबर की डिस्प्ले बोर्ड लगाया जाए।
सड़क सुरक्षा की बैठक में डीएम शैलेष कुमार ने एआरटीओ राम सिंह को निर्देशित किया कि 15 साल से अधिक पुरानी स्कूली बसों का परिचालन किसी भी हाल में नहीं होना चाहिए।
बिना नंबर प्लेट की गाड़ियों, ओवरलोडिंग गाड़ियों के लिए अभियान चलाया जाए। एआरटीओ रामसिंह ने बताया कि एक से 31 जनवरी तक सड़क सुरक्षा माह मनाया जाएगा।
हाईवे पर जंगीगंज, गोपीगंज, माधोसिंह, औराई में एनएचएआई के नालों के बीच-बीच में अतिक्रमण है, टीम गठित कर उसे हटाया जाए। बैठक में जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा, विधायक औराई दीनानाथ भाष्कर, ज्ञानपुर विपुल दूबे, सांसद प्रतिनिधि संजय बिंद, ब्लाक प्रमुख औराई बृजमोहन मिश्र, सहित एसपी अभिमन्यु मांगलिक, सीडीओ गोबिंद शुक्ल आदि मौजूद रहे।