गोपीगंज कोतवाली के रामपुर घाट पर सोमवार को दोपहर एक बजे उस समय हड़कंप मच गया जब 108 एंबुलेंस पर कोरोना संदिग्ध का शव लेकर अंतिम संस्कार करने पहुंचे कर्मियों को ग्रामीणों ने शव फूंकने से मना किया। आरोप है कि ईंट-पत्थर भी चलाए गए।
मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर शव का अंतिम संस्कार कराया। सुरियावां के कौड़र निवासी एक व्यक्ति की मौत के बाद 108 एंबुलेंस कर्मी रामपुर घाट अंतिम संस्कार कराने के लिए पहुंचा। ग्रामीणों ने कोरोना मरीज का शव होने से संस्कार से मना कर दिया। इसके बाद एंबुलेंस कर्मी शव को लेकर गंगा की दूसरी तरफ मिर्जापुर जिले में गए, वहां भी विरोध हुआ।
सूचना मिलने पर कोतवाल कृष्णानंद राय और चौकी प्रभारी दयाशंकर ओझा संग भारी संख्या में पुलिस रामपुर घाट पहुंची। पुलिस ने हार्टअटैक से मौत होने की बात कहकर ग्रामीणों को समझाया तब शव का अंतिम संस्कार हो सका। एंबुलेंस कर्मियों ने आरोप लगाया कि पत्थरबाजी की गई, हालांकि एंबुलेंस का नुकसान नहीं हुआ।