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जिला अस्पताल में केमिकल का अभाव, 10 दिन से बंद है शुगर की जांच

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जिले में करीब चार लाख लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले महाराजा चेत सिंह जिला चिकित्सालय में केमिकल के अभाव में 10 दिन से शुगर की जांच बंद है। इससे यहां आने वाले मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में लोगों को बाहर 160 रुपये देकर जांच कराना पड़ता है।
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महाराजा चेत सिंह चिकित्सालय में आने वाले 600 से 700 लोगों में से प्रतिदिन 100 से 150 लोगों को डॉक्टर जांच के लिए लिखते हैं। इसमें से 30-35 लोग शुगर की जांच कराने वाले होते हैं। जो लोग संपन्न हैं, वे तो बाहर जांच करा लेते हैं, लेकिन गरीब तबके के लोग जिला अस्पताल में ही जांच कराते हैं। इसके लिए यहां लाखों रुपये की लागत की मशीन भी लगी है, लेकिन यहां 10 दिन से केमिकल ही नहीं है। इसके चलते शुगर की जांच नहीं हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि अब किसी भी बीमारी में दवा शुरू करने से पहले शुगर की जांच आमतौर पर जरूरी है। खासतौर पर ऑपरेशन आदि के मामले में तो अनिवार्य है। शनिवार को सुबह करीब आठ बजे जोरई से शुगर जांच कराने पहुंचे शिवशंकर को जब यह पता चला कि जांच नहीं होगी तो वापस होना पड़ा। उन्होंने कहा कि इतने बड़े अस्पताल में शुगर की जांच नहीं होना बड़ा मामला है। अधिकारियों को इस मामले में गंभीरता दिखानी चाहिए। वहीं, अरविंद कुमार ने भी समस्या को गंभीर बताया। लैब प्रभारी प्रमोद दूबे ने बताया कि करीब दस दिन से मरीजों में शुगर की जांच नहीं हो पा रही है, क्योंकि केमिकल का अभाव है। कुछ केमिकल रखा है, लेकिन वह इमरजेंसी के लिए है। इससे अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
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