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जिले के 200 और स्कूलों में बनेंगे किचन गार्डेन

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प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को हरी सब्जी का स्वाद एमडीएम में मिले, इसके लिए शासन के निर्देश पर स्कूलों में किचन गार्डेन बनाए जाने हैं। कालीन नगरी के कई स्कूलों के लिए धनराशि भी आ चुकी है, लेकिन कई विद्यालयों में किचन गार्डेन नहीं तैयार किए जा सके हैं। जहां बने हैं, वहां गर्मी में पौधों के सूखने का डर सताने लगा है। जिले के 200 स्कूलों में किचन गार्डेन नए शैक्षिक सत्र बनकर तैयार होने की उम्मीद है। हालांकि दस स्कूलों में किचन गार्डेन तैयार हो चुके हैं।
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लौकी, भिंडी, बैगन के पौधों संग धनिया, पालक आदि की खेती स्कूल की खाली जमीन पर करने की योजना है। इसी के तहत पहले चरण में जिले के दस स्कूलों के लिए धनराशि अवमुक्त की गई थी। प्रत्येक स्कूल के प्रधानाध्यापक को इसके लिए पांच-पांच हजार रुपये दिए गए। करीब - करीब सभी स्कूलों ने किचन गार्डेन तैयार कर लिए हैं, लेकिन कुछ स्कूलों में विवाद और बाउंड्रीवाल नहीं होने के कारण गार्डेन तैयार नहीं किए जा सके हैं। वहिदानगर स्थित परिषदीय स्कूल में शुरूआत में किचन गार्डेन बनाया गया था, लेकिन बाउंड्रीवाल नहीं होने के कारण पशु चर गए। ऐसे में विभाग यहां फिर से किचन गार्डेन तैयार करने की तैयारी कर रहा है। इसी तरह हरियावां में कुछ विवाद के कारण अब किचन गार्डेन तैयार किया जा रहा है। शिक्षा विभाग में एमडीएम के समन्वयक सौरभ सिंह बताते हैं कि पहले चरण में जहां-जहां के लिए धनराशि आई थी, वहां किचन गार्डेन बन गए। कुछ विद्यालयों में दिक्कत के कारण किचन गार्डेन नहीं तैयार हो सके। अब दूसरे चरण में 200 स्कूलों को किचन गार्डेन के लिए चयनित किया गया है। इन स्कूलों को पांच-पांच हजार रुपये भेज दिए गए हैं। कुछ स्कूलों ने किचन गार्डेन तैयार करना शुरू कर दिया है। नए शैक्षिक सत्र में इस कार्य में तेजी आएगी।
औराई विकासखंड के माधोपुर गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय में किचन गार्डेन बनाया गया है। यहां लगे पौधे हरे भरे भी हैं। प्रधानाचार्य अखिलेश मिश्रा बताते हैं कि पर्याप्त स्थान नहीं है, लेकिन जितनी जगह है उसी में व्यवस्था की गई है। चंद्रपुरा, माधोपुर, अमवामाफी में भी किचन गार्डेन बनकर तैयार है। अभोली ब्लॉक के आदर्श प्राथमिक विद्यालय प्रयागपुर में बना किचन गार्डेन काफी अच्छा है। यहां सिंचाई की व्यवस्था भी ठीक है। इसलिए पौधे भी ठीक हैं। प्रधानाध्यापक डॉ. अनुरेष तिवारी के प्रयास से बहुत सुंदर तरीके से सजाया गया है। बच्चों ने पूछने पर बताया कि फरवरी के बाद से ही सब्जी किचन गार्डेन की ही बनती है। आलू, प्याज, बैगन, टमाटर , धनिया आदि उपलब्ध है। इस समय भिंडी, करेला, नेनुआ, खीरा, ककड़ी लगायी गई है। एमडीएम के समन्वयक सौरभ सिंह का कहना है कि जिले में जिन विद्यालयों का चयन किचन गार्डेन के लिए किया गया है, वहां अब कार्य तेज किया जाएगा। सभी प्रधानाध्यापकों को इसके लिए कहा गया है। कुछ शिक्षकों ने व्यक्तिगत प्रयास से काफी अच्छा किचन गार्डेन तैयार किया है।
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