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कार्तिक पूर्णिमा: हजारों लोगों ने लगाई पुण्य की डुबकी

Thu, 26 Nov 2015 01:47 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, भदोही
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 सेमराधनाथ, सीतामढ़ी, रामपुर, भोगांव के अलावा अन्य छोटे-बड़े तमाम गंगा घाटों पर नहाने के लिए हजारों आस्थावानों का रेला उमड़ा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि की कामना की।
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कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा घाटों का वातावरण पूरी तरह भक्तिभाव में लीन नजर आया।

वैदिक मंत्रोच्चार और जयकारे से जहां माहौल भक्तिमय बना रहा वहीं धूप-दीप और अगरबत्ती की भीनी-भीनी खुशबू ने आबोहवा में शुद्धता और शीतलता का संचार किया।

 इस दौरान जगह-जगह दीपदान और सत्यनारायण पूजा का आयोजन किया गया। प्रमुख मंदिरों और देवालयों को दुल्हन की तरह सजाया गया।

 बुधवार को भोर से ही जिले के रामपुर, भोगांव, बिहरोजपुर, सीतामढ़ी, कलिंजरा समेत दर्जन भर से अधिक गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं ने स्नान करना शुरू कर दिया।

सूर्य की किरणें निकलते ही श्रद्धालुओं की संख्या बढने लगी। सुबह आठ बजे तक घाटों पर तिल रखने की भी जगह नहीं बची। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने आसपास स्थित देवालयों में दर्शन पूजन कर पुण्यलाभ लिया। बुधवार को भोर से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हुआ जो दोपहर तक चलता रहा।
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सुबह 10 बजे तक गोपीगंज से रामपुर घाट जाने वाले मार्ग पर वाहनों का दबाव अधिक होने से जाम की स्थिति बन गई। सेमराध और सीतामढ़ी गंगा घाट पर स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने जगत जननी माता सीता और सेमराधनाथ के दर्शन कर धन्य हुए। रामपुर, सेमराध और भोगांव घाट पर एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई।



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मेले में महिलाओं ने की खरीदारी
गोपीगंज। कार्तिक पूर्णिमा पर बुधवार को रामपुर, सीतामढ़ी, सेमराध, भोगांव घाट के आसपास मेले का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद घर परिवार के लिए सामानों की खरीदारी भी की। महिलाओं ने जहां गृहस्थी के सामानों की खरीदारी की वहीं पुरुष खाने पीने के सामानों की खरीदारी करते दिखे।

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फोटो:
असाध्य रोग की दवा पिलाई गई
कौलापुर। ऐतिहासिक पांडवानाथ मंदिर पर कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर बुधवार को हजारों लोगों को असाध्य रोगों की दवा पिलाई गई। आचार्य रामसूरत चतुर्वेदी और कन्हैया तिवारी ने वहां आए लोगों को भोर से ही दवा पिलानी शुरू कर दी। आचार्य राम सूरत चतुर्वेदी ने बताया कि पिछले 140 सालों से उनके पूर्वंज लोगों को मिर्गी, दमा, अस्थमा जैसे रोगों को खत्म करने के लिए जड़ी बूटी से बनाई दवा लोगों को पिला रहे हैं। दवा के सेवन से लोगों को आराम मिला, जिससे लगातार लोगों की संख्या बढ़ती चली जा रही है। उन्होंने कहा कि जड़ी-बूटी से बनी दवा को शरद पूर्णिमा के दिन गाय के गोबर में रख दिया जाता है और उसे कार्तिक पूर्णिमा को निकालकर लोगों को पिलाया जाता है। दवा पीने के लिए मंगलवार की रात ही पांडवानाथ मंदिर पर काफी संख्या में लोग पहुंच गए। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले लोगों को दवा पिलाने के लिए ग्रामीण भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। इस मौके पर अरविंद चौबे, रत्नेश मिश्रा, कमलेश यादव, गिल्लू पांडेय, अमरजीत मिश्रा, रवि मिश्रा, विजेंद्र मिश्रा,विनय मिश्रा, अंबुज आदि मौजूद रहे।
धर्मेन्द्र पाल
देव दीपावली: जगमग हुए घाट और मंदिर
फोटो
सीतामढ़ी में उतरी अनुपम छटा
गंगा घाटों पर प्रज्वलित हुए 11 हजार दीप
सीतामढ़ी।  कार्तिक पूर्णिमा की शाम धार्मिक स्थली सीतामढ़ी में अनुपम छटा देखने  को मिली। पतित पावनी गंगा के घाटों पर सायंकालीन बेला में असंख्य दीप प्रज्ज्वलित होते ही बिखरे अलौकिक दृश्य को लोग अपलक निहारते रहे।  मौका था देव दीपावली गंगा महोत्सव का।
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 देव सेवा संस्थान सीताधाम, महर्षि वाल्मीकि आश्रम, संत उड़िया बाबा आश्रम, बाबा धवासानाथ आश्रम, के तत्वावधान में धार्मिक एवं पौराणिक स्थल सीतामढी में कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर  गंगा महोत्सव देव दीपावली का भव्य आयोजन किया गया। इस मौके पर सीतामढ़ी के  गंगा घाटों पर 11 हजार दीप प्रज्वलित किए गए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दीपदान कर पुण्य अर्जित किया। भगवान भास्कर के अस्ताचल होते ही दीप दान का सिलसिला शुरू हो गया। देखते ही  देखते असंख्य दीप टिमटिमाने लगे और ही गंगा घाटों पर स्वर्गिक छटा बिखर  गई। राम घाट पर गंगा महाआरती दीन बंधु दीनानाथ  मौनी बाबा ने और महर्षि वाल्मीकि आश्रम गंगा घाट पर पंडित हरिप्रसाद मिश्र  शास्त्री ने संपन्न कराया। गंगा महाआरती में मंत्रोच्चार और घंटा घड़ियाल के  बीच गंगा मइया के जयकारे से वातावरण गुंजायमान होता रहा। सीतामढ़ी घाट से  लेकर राम घाट और बाबा धवासानाथ घाट एवं प्राचीन महादेव मंदिर को दीपकों  से आकषर्क ढंग से सजाया गया था। इसी तरह सीताधाम मंदिर घाट, पक्की सीढ़ी से  लेकर गंगा घाट तक दीयों की टिमटिमाहट अविरल छठा बिखेरती रही। दूर-दूर के  श्रद्धालु दीपदान करने के लिए सीतामढ़ी में उमड़ पड़े।

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गंगा में प्रवाहित हुए असंख्य दीप

 सीतामढ़ी। पूर्णिमा की शाम धार्मिक स्थली सीतामढ़ी के गंगा घाटों पर देव  दीपावली का बिहंगम द्दृश्य लोगो को मंत्रमुग्ध कर गया। असंख्य दीयों तो  टिमटिमाहट की मनोहारी छवि स्वर्गिक छटा का अहसास करागयी। गंगा में प्रवाहित दीपमालाएं जल की धारा में इठलाती हुईं मानों अठखेलियां करते हुए पूनम के चांद को रिझा रही हों।

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सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मन मोहा

सीतामढ़ी। कार्तिक पूर्णिमा के उपलक्ष्य में देव दीपावली गंगा महोत्सव के अवसर पर देव सेवा संस्थान की ओर से सीताधाम मंदिर में भव्य सांस्कृतिक  कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर परमाध्यक्ष हरिचैतन्य  ब्रह्मचारी जी ने प्रवचन के माध्यम से श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराया।  इसी तरह वाल्मीकि आश्रम में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भजन गायक वशिष्ठ मिश्रा ने अपने भजनों से लोगों को भक्ति रस में डुबकी लगवाई।
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आज खास
- बिहार क्रिकेट एसोसिएशन का चयन ट्रायल मूसीलाटपुर जिला स्टेडियम में सुबह नौ बजे से।
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