2012 में सपा की सरकार बनने पर उन्हें अपदस्थ कर रीना सोनकर अध्यक्ष बनीं। 25 साल के जिला पंचायत में 23 साल तक सपा ही काबिज रहीं। सपा के वर्चस्व के पीछे ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र का काफी हाथ रहा। 2021 के चुनाव में विधायक विजय मिश्र के जेल में होने के कारण समीकरण पूरी तरह बदला नजर आ रहा है। भाजपा ने रविवार को प्रत्याशी की घोषणा कर दी है लेकिन दो प्रमुख दावेदारों में खींचतान लगी है।
सपा महीने भर पूर्व ही प्रत्याशी की घोषणा कर चुकी है। 2021 के चुनाव में जीत किसी की होगी लेकिन बनेगा इतिहास। भाजपा अध्यक्ष पद को हथियाने में सफल हुई तो 1995 से चल रहा उसका सूखा समाप्त हो जाएगा। सपा ने जीत दर्ज किया तो छठवीं बार उसका अध्यक्ष बनेगा। अगर कोई निर्दल प्रत्याशी के हाथ अध्यक्षी की चाभी मिलती है तो वह भी पहली बार ही होगा।