ज्ञानपुर। 24 घंटों के दौरान दो अलग-अलग थानाक्षेत्रों में हुईं खुदकुशी की दो घटनाओं में आईटीआई के छात्र और एक किशोरी ने मौत को गले लगा लिया। गोपीगंज में छात्र ने रहस्यमय परिस्थितियों में फंदा लगाकर जान दे दी, जबकि कोइरौना में एक किशोरी परिवार वालों की डांट से क्षुब्ध होकर साड़ी से फंदा बनाकर झूल गई। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया।
लालानगर: गोपीगंज कोतवाली क्षेत्र के मदनपुर गांव निवासी तहसीलदार बिंद का पुत्र कुश बिंद (20) आईटीआई का छात्र था। रात में किसी समय अबूझ हाल में उसने कमरे में जाकर नायलॉन की रस्सी का फंदा बनाकर मौत को गले लगा लिया। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब कमरा नहीं खुला तो परिजनों को शंका हुई। दरवाजा खटखटाने पर भी नहीं खुला। इस पर लोगों ने धक्का देकर दरवाजा खोला। अंदर युवक फंदे पर लटका हुआ था। रोना-चिल्लाना सुनकर आसपास के लोगों की भारी भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची 112 नंबर पुलिस ने शव को उतारकर लिखापढ़ी के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक चार भाइयों में तीसरे नंबर पर था। उसने मौत को क्यों गले लगा लिया, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। उसके जुड़वा भाई लव का कहना है कि घटना के वक्त वह घर पर अकेला था। मां और पिताजी बाहर गए थे। पढ़ने में भी होनहार था। उसने किन परिस्थितियों में ऐसा किया, यह समझ में नहीं आ रहा।
दूसरी घटना कोइरौना थानाक्षेत्र के रैयापुर गांव में हुई। यहां रात लगभग 10 बजे निधि शर्मा (14) पुत्री कमलेश शर्मा ने प।ारिवारिक डांट से क्षुब्ध होकर साड़ी का फंदा बनाकर मौत को गले लगा लिया। पिता कमलेश मुंबई में रहकर मजदूरी करता है और निधि अपनी मां और भाई के साथ घर पर रहती थी। देर शाम हुई कहासुनी के बाद उसने प्राणघातक कदम उठा लिया। सूचना पर कोइरौना चौकी प्रभारी सुशील त्रिपाठी ने दलबल के साथ मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।