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बंद फाटक के नीचे से पार करना पड़ा महंगा, दूधिए की गई जान

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बंद रेलवे फाटक के नीचे से पार होने की कोशिश करना बृहस्पतिवार को सुबह एक दूधिए को महंगा पड़ गया। फाटक के पास लगे अर्थिंग केबल में दूधिए की साइकिल फंस गई और उसी दौरान आई ट्रेन की चेपट में आने से उसकी मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना पूर्वोत्तर रेलवे के गेट नंबर 42 एसी पर हुई। यहां भूपति यादव (50) निवासी बिहरोजपुर-गोसाईपुर की मौत हो गई। घटना के कारण करीब 20 मिनट तक ट्रेन रेलवे फाटक पर खड़ी रही।
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परिजनों ने बताया कि भूपति यादव चाय-पान के दुकानदारों को दूध बेंचकर जीविकोपार्जन करते थे। प्रतिदिन की तरह बृहस्पतिवार को भी साइकिल पर दूध का बाल्टा लादकर कौलापुर की ओर जा रहे थे। उसी दौरान रामबाग से मऊ जा रही मेमू ट्रेन को पास कराने के लिए गेट बंद कर दिया गया था। इसके बावजूद भूपति यादव गेट बूम के नीचे से पार करने की कोशिश लगे। उसी दौरान मेमू ट्रेन आ गई। गेट बंद होने से खड़े अन्य लोग शोर मचाकर भूपति को हटने के लिए आवाज लगा रहे थे, लेकिन अर्थिंग केबल में फंसी साइकिल को नहीं निकाल पाने के चलते मेमू ट्रेन की चपेट में आकर भूपति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। उप निरीक्षक संतोष राय ने बताया कि जीआरपी के मेमो पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
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