औराई कोतवाली क्षेत्र के भक्तापुर चौरी मार्ग स्थित एक मकान पर शुक्रवार को पुलिस टीम के साथ महाराष्ट्र की ब्रांड प्रोटेक्शन सर्विस की टीम ने छापा मारा।
शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई में दुकान के अंदर से बड़ी मात्रा में बच्चों के जीवन रक्षक सिरप हाई ग्लूकोस लिवर की दवा लिव-52, झंडू बाम, फेविकोल सहित 7 ब्रांड के नकली सामान सहित रैपर, बॉटल, स्टिकर, पैकिंग मशीन बरामद किया गया।
टीम की कार्रवाई पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। दिल्ली की ब्रांड प्रोटेक्शन सर्विस की टीम को सूचना मिली कि जिले में बड़ी मात्रा में नकली दवाईयां और कास्टमेटिक बनाने और बेचने का काम बड़े स्तर पर चल रहा है।
जानकारी मिलने के बाद सक्रिय हुई टीम ने जिले में जानकारी की तो पता चला कि औराई कोतवाली के भगतापुर गांव की कास्टमेटिक की दुकान में नकली सामानों का रैपर इत्यादि तैयार कर उसे बेचा जा रहा है।
जानकारी पुष्ट होने के बाद महाराष्ट्र की ब्रांड प्रोटेक्शन सर्विस टीम के मुख्य जांचकर्ता रवि पांडेय ने पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक को इसकी जानकारी दी।
एसपी के निर्देश पर पुलिस टीम के साथ जांच टीम ने दुकान पर दबिश दी। जांच में दुकान से बड़ी मात्रा में नकली दवाओं के साथ कॉस्टमेटिक और उसकी शीशी, रैपर और डिब्बे बरामद किए।
टीम ने इस दौरान नकली सामान तैयार करने के उपकरण भी बरामद किए। टीम ने दुकान के मालिक विकास कुमार निवासी भगतापुर के खिलाफ तहरीर दी। तहरीर मिलने के बाद पुलिस टीम मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई में जुटी रही।