ज्ञानपुर। जिलाधिकारी विशाल सिंह के निर्देश पर शनिवार को कृषि विभाग की टीम ने तीनों तहसील में 35 खाद-बीज की दुकानों की जांच की। इस दौरान छह नमूने एकत्रित कर जांच के लिए भेजा। कमियां मिलने पर चार दुकानदारों को नोटिस दिया। हिदायत दिया कि खाद के वितरण में लापरवाही न बरती जाए अन्यथा विधिक कार्रवाई होगी।
रबी सीजन में पहली सिंचाई के बाद यूरिया की मांग बढ़ गई है। सहकारी समितियों के साथ ही निजी दुकानों से किसान खाद की खरीद कर रहे हैं। किसानों को समय से यूरिया मिले इसके लिए गठित टीम क्षेत्रों में भ्रमण कर रही है। शनिवार को औराई तहसील में उप निदेशक कृषि डॉ. अश्वनी कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी सतीश पांडेय भदोही तहसील और उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी रत्नेश कुमार सिंह के नेतृत्व में ज्ञानपुर क्षेत्र की दुकानों की जांच की गई। तीनों टीमों ने कुल 35 दुकानों की जांच किया। इस दौरान कमियां मिलने पर कृषक सेवा केंद्र वेदपुर, मौर्य खाद भंडार जंगीगंज, राजेश ट्रेडर्स वहिदा मोड़ और बजरंग कृषि प्रसार संस्थान दौड़ियाही को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया कि पास मशीन से आधार कार्ड और खतौनी के आधार पर किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराए। किसी भी विक्रेता की ओर से ओवर रेटिंग टैगिंग या भंडारण करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कृषि अधिकारी ने किसानों से कहा कि पहली सिंचाई के बाद दानेदार यूरिया का टॉप रेसिंग करें। 40 से 45 दिन की गेहूं की फसल है तो नैनो यूरिया का छिड़काव ड्रोन के माध्यम से करें। बताया कि इफको के पास तीन ड्रोन उपलब्ध है। नैनो यूरिया, नैनो डीएपी से फसल को फायदा है। इससे फसल का उत्पादन बढ़ता है और लागत भी कम आती है। अगर कोई भी विक्रेता किसी भी किसान भाई को गलत तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराता है तो जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम नंबर (7800341675) पर फोन करके अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
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