सीतामढ़ी। तीन ओर गंगा से घिरे कोनिया क्षेत्र में सीतामढ़ी विद्युत उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति होती है। उपकेंद्र से छेछुआ और भुर्रा सहित कई गांवों की दूरी 15 किमी से भी अधिक है।
आए दिन तार गिरने, जंफर जलाने आदि से फाल्ट होता रहता है। ऐसे में कोनिया के गावों में सुचारू बिजली आपूर्ति बेमानी है। सालों से इटहरा में प्रस्तावित विद्युत उपकेन्द्र अधर में है।
ग्रामीणों का कहना है कि इटहरा में विद्युत उपकेंद्र बना दिया जाए तो पूरे क्षेत्र को बिजली की आपूर्ति सुचारू रूप से होने लगेगी।
लगभग 15 किलोमीटर दायरे के भारी भरकम कोनिया क्षेत्र के ग्रामीण अंचल में बिजली की आपूर्ति विद्युत उप केंद्र सीतामढ़ी से होती है। कोनिया के तमाम गांवों से विद्युत उपकेंद्र की दूरी 12 से लेकर 15 किलोमीटर तक है।
ऐसे में हाई टेंशन तार, विद्युत पोल, लोकल फाल्ट, लो वोल्टेज आदि समस्याएं उपकेंद्र के कर्मियों के लिए मुसीबत का सबक बना हुआ है। काफी बड़ा क्षेत्र होने के कारण सुचारू बिजली आपूर्ति के लिए कोनिया के इटहरा में विद्युत उपकेंद्र की मांग बीते 20 वर्षो से हो रही है।
समस्याओं को देखते हुए विद्युत विभाग की ओर से कोनिया के लिए नए विद्युत उपकेंद्र की स्वीकृति कोनिया के इटहरा में प्रस्तावित है, लेकिन विभागीय लेटलतीफी के कारण उपकेंद्र का काम शुरू नहीं हो सका। कोनिया के लोग बीते दो दशक से बिजली की घोर समस्याओं से जूझ रहे हैं।
गर्मी के सीजन में तो कोनिया क्षेत्र में बिजली समस्या विकट हो जाती है। लो वोल्टेज की समस्या बढ़ जाती है। हालांकि लो वोल्टेज की समस्या को दूर करने के लिए सीतामढ़ी उप केन्द्र को अपग्रेड कर दिया गया है।
क्षेत्र के कमलाशंकर मिश्र और सुरेश मिश्र, विधानचंद्र दूबे, शिवचंद्र शुक्ल, बृजेश पांडेय, आदर्श पांडेय, अंकित सिंह आदि ने इटहरा में प्रस्तावित विद्युत उपकेंद्र का निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग जिलाधिकारी से की है।
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