इसमें पर्व को सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की गई।
एसडीएम रामजी लाल ने कहा कि एक दूसरे के त्योहारों का सम्मान करना ही भारतीय परंपरा है। मोहर्रम और दशहरा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में हमें दोनों समुदायों का सहयोग चाहिए। कहा समयबद्धता से सभी रस्मों को पूरा कर लेने से सबकुछ अच्छे से हो जाएगा।
दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन 22 अक्टूबर को तय है। उसी दिन मोहर्रम की आठवीं तारीख है जिस दिन दुलदुल का जुलूस निकलता है। प्रशासन ने दोनो ही पर्वों को शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया है। आज की बैठक में ताजियादारों और अखाड़ेदारों को उसी कार्ययोजना की जानकारी देते हुए उनसे सहयोग मांगा। एसडीएम ने कहा की इस वर्ष पर्वों को संपन्न कराने के लिए समयबद्धता बेहद जरूरी है। यह संयोग है कि दोनों पर्व साथ पड़ रहे हैं और पंचायत चुनाव भी होने हैं। सीओ एपी सिंह ने कहा कोई भी समस्या हो समय से जानकारी दें ताकि उन पर कार्रवाई की जा सके। उन्होने बताया कि नगर को पर्याप्त सुरक्षा बल उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने चेतावनी वाले लहजे में यह भी स्पष्ट कर दिया कि अराजक तत्वों को पुलिस ने चिंहित कर लिया है। गडबडी करने वालों की बख्शा नहीं जाएगा।
बैठक में लोगों को बताया गया कि 5 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे पुन: कोतवाली में बैठक आहूत है जिसमें डीएम और एसपी स्वयं मौजूद रहेंगे। बैठक को कोतवाल अजय श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। जमील अंसारी नेता, अख्तर खां, हाजी सुहैल अंसारी, नुरैन खां, हसीब खां, दानिश सिद्दीकी, कमाल खां, टोनी मंसूरी, मो.शमीम, मुनौवर, मो.याकूब, सुबहान शाह, मुहर्रम अली, मो.इम्तीयाज, रऊफ, किताबू, मुख्तार अहमद आदि मौजूद रहे।