प्रशासनिक सदस्य द्वारा सीईपीसी चेयरमैन कुलदीप राज वाटल को इस आशय का ईमेल भेजे जाने के बाद एकमाध्यक्ष विनय कपूर और मानद सचिव तनवीर हुसैन ने कहा कि भदोही कालीन परिक्षेत्र की खोई साख को वापस लाने के लिए सबको मिल कर काम करना बेहद जरूरी है।
भदोही में फेयर कराए जाने के उठे मांग पर अमर उजाला को दिए अपनी प्रतिक्रिया में एकमा पदाधिकारियों ने कहा कि आज भी देश से निर्यात हो रहे माल का 85 प्रतिशत कालीन उत्पादन भदोही परिक्षेत्र में हो रहा है।
लेकिन उपेक्षा के यहां का काफी माल दूसरे प्रांतों से होकर निर्यात हो रहा है । एकमाध्यक्ष ने कहा कि वह भदोही ही है जहां कालीन बुनते बुनते कई लोग निर्यातक हो गए लेकिन आज हालात एकदम उलट चुके हैं।
और यदि भदोही में फेयर आयोजन के बारे में नहीं सोचा गया तो स्थिति बनने के बजाए और बिगड़ेगा।
उन्होंने जोर देकर कहा कि भदोही का विकास करना है तो भदोही में ही फेयर कराना होगा। इससे हमारे बुनकर, कांट्रैक्टर, मझोले निर्यातकों को भारी लाभ होगा।
उन्होंने याद दिलाया कि वह भदोही ही है जो कभी बाल श्रमिकों के नाम पर बदनाम हुआ था और आज इन आरोपों से पार पा चुका है इसलिए बेहतर होगा कि इंडिया कारपेट एक्सपो भदोही में कराकर परिक्षेत्र का इतना विकास कर दें कि माल जहां उत्पादित हो वहीं से निर्यात भी हो।