भदोही। इनोवेशन काउंसिल के तत्वाधान में डा.श्यामा प्रसाद मुखर्जी राजकीय महाविद्यालय में चल रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला में शुक्रवार को ओरिएंटेशन (अभिविन्यास) सत्र का आयोजन किया गया। सत्र में छात्र-छात्राओं को इनोवेशन और डिजाइनिंग के महत्व, प्रक्रिया और परिणामों से परिचित कराया गया। मुख्य वक्ता इनोवेशन एंबेसडर डा.वर्षा रानी ने कहा कि तर्कपूर्ण सोच से ही इनोवेशन और डिजाइन की कल्पना की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि इनोवेशन के माध्यम से नई नई चीजों का अविष्कार हो सकता है। किसी पुरानी चीज में आवश्यक सुधार कर और उपयोगी बनाया जा सकता है। यह किसी वस्तु विशेष तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसका अनुप्रयोग हम अपने आसपास की सभी वस्तुएं में कर सकते हैं। प्राचार्य, प्रो.मुरलीधर राम ने कहा क्या नया कर सकते हैं इसके लिए छात्र-छात्राओं को सदैव सजग रहना चाहिए। बताया कि न्यूटन से पहले भी कई लोगों ने सेब को पेड़ से टूट कर गिरते हुए देखा रहा होगा लेकिन वह न्यूटन की सजगता ही थी कि वे गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत को समझ पाए। आज गुरुत्वाकर्षण का उपयोग विज्ञान और तकनीकी द्वारा विभिन्न प्रयोगों और मशीनों में किया जा रहा है। बताया कि दिमाग में कोई भी विचार आए तो उसे तत्काल नोट कर लेना चाहिए और फिर उसके पहलुओं पर गौर करना चाहिए। ताकि उसका लाभ जनमानस को मिल सके।
डा. माया यादव ने जुगाड़ तकनीक के बारे में बताया कि यह भी एक विचार है, लेकिन इसका उपयोग अधिक से अधिक लोगों को ना हो कर कुछ लोगों तक ही सीमित रह जाता है। हमारा लक्ष्य केवल स्वयं को आर्थिक सामाजिक रूप से सशक्त बनाना नहीं है बल्कि समाज और देश को भी उन्नत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए होना चाहिए। इनोवेशन काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. ब्रजेश सिंह ने छात्रों को प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में इनोवेशन काउंसिल के सदस्य डा.अनीश कुमार मिश्र, डा.आशुतोष कुमार श्रीवास्तव, डा.श्वेता सिंह, डा.यशवीर सिंह, डा.सत्येंद्र प्रसाद, गौतम गुप्ता आदि ने भी विचार व्यक्त किए।