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कालीन नगरी में भी फैला है अवैध शराब का कारोबार

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ज्ञानपुर। पूर्वांचल में कालीन नगरी भदोही अवैध शराब की तस्करी के लिए सुरक्षित जोन बन चुका है। पुलिस रिकार्ड को देखकर इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। 2020 में करीब डेढ़ करोड़ की अवैध शराब बरामद की गई। पुलिस कारोबार को रोकने का दावा तो करती है, लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और ही रहता है। एक दशक में ही चौरी और औराई में जहरीली शराब पीने से दर्जन भर की जान जा चुकी है।
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जिले में अवैध शराब का कारोबार व्यापक स्तर पर फल फूल रहा है। अवैध शराब तस्करों से पुलिस का गठजोड़ रहता है। जब भी थाना प्रभारी बदलते हैं तो एक बारगी वह बड़ी कार्रवाई कर अपनी हनक जमा लेते हैं। तालमेल होते ही सब कुछ ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। पुलिस शराब को बरामद तो कर लेती है, लेकिन मास्टर माइंड को गिरफ्तार करने में आनाकानी करती है। जब तक उसे गिरफ्तार करने की योजना बनाती है, तब तक वह कोर्ट से जमानत लेकर फिर कारोबार में जुट जाता है।
इसका उदाहरण सुरियावां थानाक्षेत्र के मड़ई कनकपुर में देखने को मिला। नवंबर महीने में पुलिस की कार्रवाई में भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुआ था। इसमें एक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि मास्टरमाइंड को अब तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी, जबकि दिसंबर में गोवा से आ रही अवैध शराब को पुलिस ने बरामद किया, लेकिन उसमें भी मुख्य तस्कर पुलिस के हाथ नहीं लगे। आंकड़ों पर गौर करें तो 2020 में जिले की पुलिस ने डेढ़ करोड़ से अधिक कीमत की अवैध शराब बरामद किया, लेकिन तस्करों पर कार्रवाई नहीं हो सकी। जहरीली शराब के सेवन से वर्ष 2011 में चौरी में करीब आठ, जबकि बभनौटी में पांच लोगों की मौत हो गई थी। घटना होने के बाद कुछ दिनों तक आबकारी से लेकर पुलिस महकमा सक्रिय होता है, लेकिन उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। एसपी रामबदन सिंह ने कहा कि अवैध शराब के कारोबार को रोकने के लिए हर थाने में टीम गठित है। समय-समय पर कार्रवाई होती रहती है।
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