ज्ञानपुर। लॉकडाउन के दूसरे चरण में शासन ने राजस्व बढ़ाने के लिए रजिस्ट्री दफ्तर को 15 अप्रैल से चालू कर दिया है, लेकिन दो दिन में एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी। दस्तावेज लेखक (कातिबों) ने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए तीन मई तक न आने का निर्णय लिया है। अगर कोई दस्तावेज खुद तैयार कर लाएगा तो उसकी रजिस्ट्री हो जाएगी।
कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए 24 मार्च से देश भर में लॉकडाउन है। 14 अप्रैल से दूसरे चरण का लॉकडाउन शुरू हो गया है। इस दौरान खेती से जुड़े सभी काम, रजिस्ट्री समेत कई कार्यों को सशर्त काम करने की मंजूरी दी है। 15 अप्रैल से ज्ञानपुर के दुर्गागंज तिराहे पर स्थित रजिस्ट्री दफ्तर खुलना शुरू हो गया। अधिकारी और गिने-चुने कर्मी ही कार्यालय आ रहे हैं। दस्तावेज लेखकों ने यह कहकर आने से इंकार किया कि रजिस्ट्री के समय भीड़ अधिक होगी। दस्तावेज तैयार कराने में समस्या उत्पन्न हो सकती है। इससे तीन मई तक वह आने में असमर्थ हैं। स्वास्थ्य का मामला होने से विभाग की ओर से भी कोई सख्ती नहीं की गई। सहायक महानिरीक्षक निबंधन शिव शंकर यादव ने कहा कि स्वास्थ्य से जुड़ा मामला होने से कोई निर्णय नहीं लिया जा सकेगा। अगर कोई व्यक्ति सभी दस्तावेज तैयार कर आएगा तो उसकी रजिस्ट्री की जाएगी।