भदोही सीए एसोसिएशन के पदाधिकारियों की शुक्रवार की शाम रजपूरा स्थित पंजीकृत कार्यालय में बैठक हुई। इसमें अमेरिकी टैरिफ से कालीन उद्योग पर होने वाले असर की चर्चा हुई।
सीए पंचम मौर्य ने बताया कि चालू वित्त वर्ष से किसी फर्म के पार्टनर को मिलने वाले 20 हजार वेतन पर दस प्रतिशत टीडीएस देना होगा। बताया कि जिस प्रकार से कोविड काल में केंद्र सरकार ने उद्यमियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई थी, वैसी ही पुनः सहयोग की आवश्यकता है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष आरसी जायसवाल ने कहा कि एक अप्रैल से कंपनियों पर दो मुख्य परिवर्तन किए गए हैं, यदि किसी कंपनी के साझेदार कंपनी से वार्षिक 20 हजार रुपये या इससे अधिक वेतन या मेहनताना प्राप्त करते हैं तो उन्हें 10 प्रतिशत टीडीएस देना होगा।
इसके अलावा बताया कि अब कंपनियों के बैलेंस शीट में वित्त वर्ष के बैलेंस शीट का भी समावेश होगा।
सीए सुहैल अतहर ने अमेरिकी टैरिफ को कालीन उद्योग के लिए चिंताजनक बताया। कोविड दौर की तरह सहायता पर जोर दिया।
इसके अलावा ड्यूटी ड्राबैक, इंट्रेस्ट सबवेंशन आदि योजनाएं पुन: लागू करने के लिए केंद्र सरकार से मांग की। इस दौरान सीए पंचम मौर्य को दि चारटर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के एथिकल स्टैंडर्ड बोर्ड कमेटी में विशेष आमंत्रित सदस्य मनोनीत किए जाने पर स्वागत किया गया।
इस मौके पर समरजीत यादव, बीडी यादव, धर्मराज मौर्य, रामलाल यादव, आरके शुक्ला, शम्स तबरेज, किरन मौर्या मौजूद रहे।