ज्ञानपुर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अखिलेश दूबे की अदालत ने शुक्रवार को पत्नी की हत्या के दोषी पति अकरम अली को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मामले में कोर्ट ने 20 हजार का अर्थदंड भी लगाया। अक्तूबर 2024 को भदोही के जलालपुर मुल्ला तालाब के पास हुई घटना में कोर्ट ने 20 महीने में सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक मोहम्मद शहीद उर्फ पप्पू निवासी जमुनीपुर कालोनी भदोही ने सात अक्तूबर 2024 को कोतवाली में तहरीर दिया। जिसमें बताया कि उसकी बहन अफसाना का विवाह अकरम अली पुत्र मुनौव्वर अली निवासी मुल्ला तालाब जलालपुर के साथ 14 साल पहले हुआ था। उसकी बहन अफसाना को औलाद नहीं थी, जिसपर अकरम उसकी बहन को भला-बुरा कहता था। छह अक्तूबर की रात को अकरम ने अफसाना की गला दबाकर हत्या कर दिया जबकि पुलिस और परिवार वालों को सूचना दिया कि तबीयत खराब होने से अफसाना की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में पति अकरम के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज किया। विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। जहां दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं ने तमाम दलीलें दी। विवेचक संग अन्य लोगों का बयान दर्ज किया गया।
जिला जज ने दोषसिद्ध अकरम अली को अपनी पत्नी का गला दबाकर हत्या करने के मामले में आजीवन कारावास और 20 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। कोर्ट ने अर्थदंड की धनराशि में से आधी धनराशि पीड़िता के परिवार को प्रदान करने का आदेश दिया।