ज्ञानपुर। वैसे सर्दी का अहसास तो दशहरा के बाद ही होने लगता है, लेकिन दीपावली तक लोग गर्म कपड़े पहनना शुरू कर देते हैं। घरों में कूलर, पंखा बंद कर कंबल ओढ़ना लोग शुरू कर देते हैं। इस बार भी सर्दी समय से पड़ने लगी है। सुबह शाम बाजार में और गांवों में लोग गर्म कपड़ों में लिपटने लगे हैं। गांवों में तो कुछ जगह अलाव भी जलने लगा है। ऐसे में शहर में आने वाले बेघरों या जरूरतमंद लोगों के लिए अभी रैन बसेरा का मुकम्मल इंतजाम नहीं हुआ है। ज्यादातर स्थानों पर तो अस्थाई ही बनता है, इसलिए जहां रैन बसेरा बनाया जाता है वहां अभी ताला ही बंद है। ज्ञानपुर शहर में शेल्टर होम है। यहां 50 बेड का इंतजाम है, लेकिन जो व्यवस्थाएं हैं वह मुकम्मल नहीं हैं। कुछ कमरों में प्रतिदिन झाड़ू नहीं लगता तो कुछ के बेड व बिस्तर बिखरे पड़े हैं।
रविवार को जिले के सभी नगर पंचायत और नगर पालिका क्षेत्र की पड़ताल की गई तो पता चला कि अभी कहीं भी रैन बसेरा चालू हालत में नहीं है। नगर पालिका परिषद गोपीगंज में अस्थाई तौर पर ही बनाया जाता है, लेकिन इस बार अभी और ठंड का इंतजार किया जा रहा है। यहीं हाल भदोही नगर पालिका का भी है। यहां के ईओ जी लाल ने बताया कि ठंड बढ़ने पर एक नगर पालिका परिसर में और दूसरा रेलवे स्टेशन के पास बनाया जाता है। नगर पंचायत नई बाजार के ईओ संजय ने भी ठंड बढ़ने पर रैन बसेरा बनाने की बात कहा।