उच्चाधिकारियों के निर्देश पर यातायात पुलिस ने बृहस्पतिवार को एक सप्ताह के लिए हाईवे पर नो इंट्री की व्यवस्था स्थगित कर दी है। इससे न सिर्फ व्यापारी वर्ग को राहत मिली है, बल्कि मकर संक्रांति पर्व की खरीदारी के लिए आने वाले ग्राहक भी कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन करते हुए सामानों की खरीदारी कर सकेंगे।
लगभग तीन माह से नो इंट्री की अतिरिक्त मार झेल रहे व्यापारियों का कहना है कि गोपीगंज नगर को जाम से मुक्त रखने के लिए हाईवे प्राधिकरण ने करोड़ों रुपये खर्च कर पड़ाव से झिलिया पुल तक लगभग डेढ़ किलोमीटर के ओवरब्रिज का निर्माण कराया है। ओवरब्रिज पर आवागमन शुरू होने के बावजूद जंघई, दानूपुर, मतेथू, ज्ञानपुर मुख्यालय से भदोही, सुरियावां, मोढ़, चौरी, मूंसीलाटपुर, चील्ह, मिर्जापुर की ओर आने-जाने वाले बड़े वाहनों का प्रवेश होते ही जाम की समस्या पुन: जटिल हो गई। पुलिस अधीक्षक डॉ.अनिल कुमार तक मामला पहुंचने पर उन्होंने ओवरब्रिज के पूर्वी-पश्चिमी छोर पर बने कट प्वाइंट पर यातायात पुलिस की तैनाती कराते हुए नो इंट्री की सख्ती कर दी। कट प्वाइंट पर नो इंट्री की सख्ती होने पर भी भदोही, जौनपुर और मिर्जापुर से आने वाले बड़े वाहनों का आवागमन बेरोकटोक जारी रहा। व्यापारियों ने कई बार पुलिस अधीक्षक को प्रार्थनापत्र देकर कृषि, सब्जी, किराना आदि सामानों को मंडियों से लादकर आने वाले वाहनों को नगर में प्रवेश देने की मांग की, लेकिन मांग बेअसर रही। सख्ती रहने पर व्यापारिक वाहन कट प्वाइंटों के पास रुक कर व्यापारी छोटे वाहनों से सामान प्रतिष्ठान तक लाने के लिए विवश होते रहे। मकर संक्रांति पर व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक वाहनों के न पहुंचने का मामला एक बार फिर उच्चाधिकारियों के पास पहुंचते ही उक्त निर्णय ट्रायल के रूप में लिया गया। एक सप्ताह के लिए नो इंट्री स्थगित होते ही गोपीगंज-मिर्जापुर, ज्ञानपुर-भदोही, कठौता-दानूपुर मार्गों से आने वाले छोटे-बड़े वाहन चालक नगर से होकर गंतव्य के लिए रवाना होते रहे। यातायात निरीक्षक शशिकांत यादव ने बताया कि उच्चाधिकारियों से मिले निर्देश का पालन बृहस्पतिवार से कराया जा रहा है। एक सप्ताह के बाद नया निर्देश आने का पालन कराया जाएगा।