कहीं कीट, तो कहीं बिजली का कनेक्शन नहीं
लालानगर पीएचसी पर आठ महीने से किट नहीं है। इसके कारण शुगर सहित अन्य जांच नहीं हो रही है। वहीं, गिर्दबड़गांव में बिजली कनेक्शन नहीं होने से हेल्थ एटीएम मशीन नहीं चल रही है। डेरवा में मशीन ठीक है, लेकिन जांच नहीं हो रही है। एक-दो जांच के बाद मशीन हैंग करने लगती है। यहां प्रिंटर का रोल खत्म है। डीघ सीएचसी में लगी मशीन इंस्टॉलेशन के बाद से तीन साल में सात बार खराब हो चुकी है।
हेल्थ एटीएम से होने वाली प्रमुख जांचें
- शुगर पांच मिनट, लैब पर 15 मिनट
- ईसीजी दो मिनट, लैब पर 10 मिनट
- रैपिड टेस्ट (मलेरिया, डेंगू) 20 मिनट, लैब पर 15 मिनट
- पल्स दो मिनट, लैब पर पांच मिनट
- लंबाई एक मिनट, लैब पर व्यवस्था नहीं
स्वास्थ्य केंद्र गांव आबादी
सीएचसी डीघ 55 1.50 लाख
लालानगर 12 28 हजार
गिर्दबड़गांव 15 30 हजार
डेरवां 10 24 हजार
नोट : यह आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अनुमानित है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे हेल्थ एटीएम को संस्था द्वारा डोनेट किया गया है। इन मशीनों की नियमित मॉनिटरिंग की जाती है। एक दो सेंटरों पर मशीन खराब होने की सूचना मिली है। ठीक कराने के लिए संबंधित एजेंसी से बात की गई है। बार-बार मशीन खराब क्यों हो रही है, इसका भी कारण पूछा जाएगा। -
डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही