ज्ञानपुर। सरकारी परियोजनाओं का निर्माण कर रही कार्यदायी संस्थाएं तालमेल बिठाकर करोड़ो की परियोजनाएं हैंडओवर कर गायब हो जा रही है। सांसद आदर्श गांव कौलापुर में दो करोड़ की पेयजल इकाई को हैंडओवर मामले में डीडीओ ने सेक्रेटरी को तलब किया है। इसी तरह सवा करोड़ की सेल्टर होम, आधुनिक चीरघर और सीएचसी भानीपुर को भी हैंडओवर हो गए।
सांसद आदर्श गांव कौलापुर में तीन साल पूर्व एकल पेयजल योजना में एक करोड़ 98 की लागत से पेयजल इकाई की मंजूरी मिली। करीब ढाई से तीन साल में उक्त परियोजना पूर्ण हुई लेकिन अब तक पाइपलाइन गांव की हर बस्ती में नहीं पहुंच सकी। न तो पूरी क्षमता से पेयजल इकाई का संचालन हुआ और तीन दिन पूर्व उसे हैंडओवर कर दिया गया। जिसको लेकर जिला विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बिना तकनीकी जांच के परियोजना हैंडओवर करना नियम के खिलाफ है। उन्होंने सेक्रेटरी को तलब किया। मामले में सेक्रेटरी समेत कई लोगों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है। यह इकलौता मामला नहीं है। वीएनजीआईसी के सामने एक करोड़ 23 लाख से सेल्टर होम को भी हैंडओवर हो गया जबकि उसकी चहारदीवारी समेत अन्य कार्य अधूरे है। कार्यदायी संस्था से तालमेल बिठाकर संबंधित विभाग के अधिकारी परियोजनाओं का बंटाधार करने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। इसी तरह पांच करोड़ की लागत से भानीपुर सीएचसी के हैंडओवर मामले में डीएम ने सीएमओ से जवाब मांगा है। जिला मुख्यालय में बने आधुनिक चीरघर को भी बिना व्यवस्था किए हैंडओवर कर लिया गया। जिला विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी ने कहा कि कोई भी परियोजनाएं पूरी होने के बाद उसकी तकनीकी जांच होती है। जिससे उसके निर्माण से लेकर अन्य व्यवस्था देखी जा सके। हैंडओवर के बाद सारी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। वहीं प्रधान प्रतिनिधि रत्नेश मिश्र ने कहा कि कार्यदायी संस्था ने निगरानी रखने का आश्वासन दिया है, जिससे उक्त प्रोजेक्ट को हैंडओवर किया गया।
अब नहीं लगेंगे हैंडपंप और रिबोर
ज्ञानपुर। सांसद आदर्श गांव कौलापुर में पेयजल इकाई संचालन से अब न तो हैंडपंप लगेंगे और न ही रिबोर किया जाएगा। जिला विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी ने कहा कि गांव की हर बस्ती में पेयजल टंकी से पानी की आपूर्ति होगी। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत हर परिवार से 50 रूपये प्रतिमाह शुल्क लेगी।