सूचना मिलने के बाद सुबह पहुंची दमकल ने आग को बुझाया। अगलगी इतनी बड़ी थी कि दूकान का शटर पिघल गया। अगलगी के बाद भुक्तभोगी परिवार मायूस दिखा।
छनौरा गांव निवासी रमेश कुमार बिंद की छनौरा बाजार में एक दशक पुरानी किराना की दूकान है। दूकान से करीब एक किमी दूर अपने घर पर वह प्रतिदिन की तरह बुधवार की शाम दूकान बंद कर चले गए।
भोर में दूकान से धुआं निकलते देख आसपास के लोगों ने फोन कर जानकारी दी।
आग लगने की खबर लगते ही रमेश भागते हुए दूकान पर पहुंचा। बाहर का शटर खोलने का प्रयास किया लेकिन वह पिघलने से नहीं खुल सका।
सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर आग को बुझाया, लेकिन तब तक सबकुछ जल चुका था। अगलगी इतनी भयावह थी कि शटर पिघलने के साथ पटिया भी टूटकर गिर गए थे।
अगलगी से दूकान में रखा 10 टीन घी, 10 टीन सरसों का तेल, 15 कुंतल आटा, 10 कुंतल चावल, सोयाबीन समेत परचून के सभी सामान जल गए थे।
पीड़ित के मुताबिक सामानों की खरीदारी के लिए रखा 50 हजार नकद भी अगलगी की भेंट चढ़ गया। आशंका जताई जा रही है कि शार्ट सर्किट से आग लगी, लेकिन पीड़ित का कहना था कि वह घर जाते समय बिजली के स्विच बंद कर गया था।