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कालीन नगरी के विकास पर गंभीरता से सोचे सरकारः एकमा

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लखनऊ में एमएसएमई प्रमुख सचिव नवनीत सहगल से मुलाकात करते एकमा प्रतिनिधि - फोटो : BHADOHI
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भदोही। आल इंडिया कारपेट मैनुफैक्चरर्स एसोसिएशन (एकमा) और कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के पदाधिकारियों ने बुधवार को उप्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कालीन नगरी के विकास और ढांचागत समस्याओं को दूर करने के लिए चर्चा की। एकमा प्रतिनिधियों ने जहां लखनऊ जाकर प्रमुख सचिव उप्र सरकार राजेंद्र कुमार तिवारी, एमएसएमई प्रमुख सचिव नवनीत सहगल और प्रमुख सचिव लोक निर्माण रमेश नितिन गोकर्ण से मुलाकात की तो सीईपीसी प्रतिनिधियों ने वेबिनार के जरिए अपनी समस्याएं रखीं। उद्योग प्रतिनिधियों ने बैठक को सकारात्मक बताया।
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एकमा अध्यक्ष ओएन मिश्र, उपाध्यक्ष हाजी अब्दुल हादी, रवि पाटोदिया, जेपी गुप्ता, अशफाक अंसारी, एचएन मौर्य ने पहले ही अधिकारियों से मिलने के लिए समय लिया था। अध्यक्ष ने बताया कि तीनों वरिष्ठ अधिकारियों से अलग अलग बात हुई। सभी को ढांचागत समस्याओं संबंधी पत्रक दिया गया। हाजी अब्दुल हादी अंसारी ने धौरहरा पुल, अहमदगंज रेलवे ओवर ब्रिज, जिले की जर्जर सड़कों के बारे में बताया। रवि पाटोदिया ने भदोही के कालीन निर्यात से अवगत कराया। बताया कि कालीन उद्योग लाखों लोगों को मजदूरी देकर रोजी रोटी से जोड़े हुए है। ऐसे में लोगों का जीवन प्रभावित न हो, इसके लिए भदोही कालीन नगरी के विकास पर गंभीरता से सोचना होगा। प्रतिनिधियों ने तीनों अधिकारियों के साथ अलग अलग बैठक की। मिल कर लौट रहे एकमा प्रतिनिधियों ने बताया कि बैठक काफी सकारात्मक रही। प्रमुख सचिव ने वार्ता के दौरान ही भदोही डीएम से टेलीफोन पर बात की। इसी प्रकार से पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव ने भी सड़कों के निर्माण में सकारात्मक पहल करने का भरोसा दिलाया।
सीईपीसी ने वेबिनार में उठाई निर्यातकों की समस्याएं
भदोही। सीईपीसी अध्यक्ष सिद्धनाथ सिंह समेत उद्योग के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए एमएसएमई, निर्यात प्रोत्साहन प्रमुख सचिव नवनीत सहगल से वार्ता की। अध्यक्ष ने निर्यात संवर्धन में आड़े आ रही भदोही कालीन नगरी की जर्जर सड़कों का लंबित मांगों पर विचार करने पर जोर दिया साथ ही निर्यातकों को मिलने वाली अन्य सहूलियतों को बेहतर करने को इंडस्ट्री की ओर से मांग की।
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चेयरमैन ने निर्यातकों की मौजूदा विपणन सहायता 65 प्रतिशत की सीमा से बढ़ाकर 90 प्रतिशत तक करने, मुंबई बंदरगाह तक भाड़ा सब्सिडी दिए जाने, निर्यात इकाइयों का चार महीनों का बिजली शुल्क माफ करने, निर्यातकों के नुकसान की भरपाई के लिए बुनकरों को छह माह मजदूरी में सहयोग प्रदान करने की मांग की। इसके अलावा भदोही में कारपेट एक्सपो मार्ट के निकट अच्छा होटल खोलने पर विचार करने की मांग की। बैठक में पवन अग्रवाल, संयुक्त आयुक्त निर्यात और बीसी तिवारी, सलाहकार यूपी एक्सपोर्ट प्रमोशन ब्यूरो ने भी भाग लिया।
परिषद से जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि वार्ता काफी सफल रही है और हमारी कई मांगों को सैद्धांतिक रूप से मान लिया गया है। वर्चुअल वार्ता में निर्यातक उमेश गुप्ता, राजेंद्र मिश्र, संजय गुप्ता, श्रीराम मौर्य, ईडी संजय कुमार, जुनैद अंसारी, अध्यक्ष यूपिया, वेदप्रकाश गुप्ता, विजय कपूर, डॉ. रजनीकांत भी थे।
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