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Bhadohi News: मंदिरों में मां सिद्धिदात्री, घरों में कन्याओं को पूजा, पंडालों में गूंजा नमो देव्यै महादेव्यै

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ज्ञानपुर में हाथ से मां दुर्गा की मूर्ती बनाकर पुजा करता प्रांजल मोदनवाल। संवाद - फोटो : Archive
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ज्ञानपुर। शारदीय नवरात्र के आखिरी दिन नवमी को आदिशक्ति के नौंवें स्वरूप सिद्धिदात्री देवी की पूजा अर्चना की गई। व्रती श्रद्धालुओं ने अंतिम दिन विधिविधान से पूजा अर्चना के बाद हवन और यज्ञ भी किया। देवी मंदिरों में दर्शन पूजन और हवन करने वालों की काफी अधिक भीड़ देखी गई।
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पूजा पंडालों में आस्था का जन सैलाब उमड़ पड़ा था। देर रात तक पंडालों में काफी भीड़ देखी गई। देवी गीतों से गूंजते रहे। अब मां के विदाई की तैयारी शुरू कर दी गई। महानवमी को पंडालों और मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। देर रात तक दर्शन पूजन का कार्यक्रम चलता रहा। नौ दिनों तक व्रत रहे श्रद्धालुओं ने हवन पूजन करके देवी की आराधना की।
ज्ञानपुर, गोपीगंज, सुरियावां, जंगीगंज, भदोही, चौरी, औराई, बाबूसराय सहित जिले के विभिन्न पूजा पंडालों में भीड़ चरम पर रही। जोरई स्थिति मां दुर्गा मंदिर पर ग्रामप्रधान रामधनी यादव के द्वारा हवन पूजन किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। गोपीगंज के सदर मुहाल स्थित प्राचीन दुर्गा माता मंदिर, पश्चिम मुहाल स्थित चौरा माता मंदिर, डेरवां स्थित मां शीतला मंदिर, ज्ञानपुर घोपइला मंदिर आदि स्थानों पर हवन पूजन किया गया।
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देवी के जयकारों से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा। व्रती महिलाओं ने नौ कुंवारी कन्याओं की नवदुर्गा के रूप में पूजन अर्चन कर खीर और पूड़ी खिलाया। गोपीगंज नगर के पसियान मुहाल स्थित बंबा देवी मंदिर में अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इस मौके पर भक्तों को हलवा का प्रसाद वितरित किया गया।
खुद के हाथों बनाई देवी प्रतिमा, नौ दिनों तक की अराधना

ज्ञानपुर। श्रद्धा और भक्ति की कोई उम्र नहीं होती। ज्ञानपुर नगर के विजय पैलेस रोड निवासी विपिन मोदनवाल के 18 वर्षीय पुत्र प्रांजल मोदनवाल पर यह बात सटीक बैठती है। बीएसी एग्रीकल्चर की पढ़ाई करने वाले प्रांचल डेढ महीने की अथक मेहनत से खुद के हाथों से मां प्रतिमा बनाई और उसकी स्थापना कर नौ दिनों उनकी अराधना करते हैं। उनके पिता विपिन ने बताया कि प्रांजल की शुरू से ही देवी में आस्था थी। वह 11 साल का था, तब से ही हर साल जेब खर्च के लिए मिले पैसे को बचाकर मां की प्रतिमा बनाता था। उसकी श्रद्धा देखकर पूरा परिवार उसका सहयोग करता है।
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ज्ञानपुर में हाथ से मां दुर्गा की मूर्ती बनाकर पुजा करता प्रांजल मोदनवाल। संवाद- फोटो : Archive

ज्ञानपुर में हाथ से मां दुर्गा की मूर्ती बनाकर पुजा करता प्रांजल मोदनवाल। संवाद- फोटो : Archive

ज्ञानपुर में हाथ से मां दुर्गा की मूर्ती बनाकर पुजा करता प्रांजल मोदनवाल। संवाद- फोटो : Archive

ज्ञानपुर में हाथ से मां दुर्गा की मूर्ती बनाकर पुजा करता प्रांजल मोदनवाल। संवाद- फोटो : Archive

ज्ञानपुर में हाथ से मां दुर्गा की मूर्ती बनाकर पुजा करता प्रांजल मोदनवाल। संवाद- फोटो : Archive

ज्ञानपुर में हाथ से मां दुर्गा की मूर्ती बनाकर पुजा करता प्रांजल मोदनवाल। संवाद- फोटो : Archive

ज्ञानपुर में हाथ से मां दुर्गा की मूर्ती बनाकर पुजा करता प्रांजल मोदनवाल। संवाद- फोटो : Archive

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