औराई। कोतवाली से चंद कदम दूर औराई-भदोही मार्ग पर नरथुआं गांव के समीप बृहस्पतिवार को दोपहर एक मकान में गैस रिसाव से भीषण आग लग गई। इससे कमरे में मौजूद गृहस्थी के तमाम सामान जलकर राख हो गया। सटे कमरे में टेंट हाउस का सामान और दो दर्जन गैस सिलिंडर रखे हुए थे, जो आग के कारण पूरी तरह गर्म हो गए। फायर ब्रिगेड के प्रयास से आग समय पर बुझा दी गई, वरना सिलिंडर फटते तो बड़ा नुकसान हो सकता था।
औराई कोतवाली से लगभग दो किमी दूर औराई-भदोही मार्ग पर नरथुआं गांव निवासी बाबा जायसवाल का मकान है। जिसे उन्होंने शटरिंग और मिस्त्री का कार्य करने वाले कुछ कारीगरों को किराए पर दिया है। मकान में एक कमरे में टेंट हाउस का संचालन होता है। बृहस्पतिवार दोपहर दो से ढाई बजे के बीच एक किरायेदार महिला सुशीला पत्नी राम आशीष निवाली मालीपुर सुल्तानपुर गैस सिलिंडर पर चाय बना रही थी। उसी दौरान लीकेज से आग लग गई। आनन-फानन में किराएदार कमरे से निकलकर बाहर भाग खड़े हो गए और इसकी सूचना औराई अग्निशमन केंद्र को दी गई।
आग ऐसी जगह लगी थी, जहां फायर ब्रिगेड की बड़ी गाड़ी नहीं पहुंच सकती थी। दमकलकर्मियों ने एक छोटी गाड़ी किसी तरह मकान के पिछले हिस्से की ओर ले जाकर आग बुझाने का काम खिड़की और रोशनदान से शुरू किया। समस्या तब बढ़ गई जब पता चला कि जिस कमरे में आग लगी है, उसके बगल वाले कमरे में गैस के लगभग दो दर्जन कॉमर्शियल भरे हुए सिलिंडर रखे हुए हैं। इससे वहां पर मौजूद लोग बेचैन हो गए कि कहीं सिलिंडर में आग पकड़ी ली तो तबाही मच जाएगी।
सूचना पर औराई क्षेत्राधिकारी लेखराज सिंह, कोतवाल एसएन मिश्रा मौके पर पहुंचे। वहां की स्थिति को देखते हुए ज्ञानपुर और भदोही से भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को मंगाया गया। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों से मकान के पिछले हिस्से और अगले हिस्से से आग बुझाने का काम शुरू हुआ। करीब डेढ़ घंटे बाद आग पर काबू पाया गया। तब तक बगल वाले कमरे में रखे गैस के सिलिंडर पूरी तरह गर्म हो गए थे, लेकिन उनमें आग नहीं पकड़ पाई थी। इससे लोगों ने राहत की सांस ली। आग से में कमरे में रखे बेड, चारपाई, अनाज, आलमारी, कपड़े समेत गृहस्थी के सारे सामान जलकर नष्ट हो गए।
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आखिर कहां से आए इतने सिंलिंडर
औराई। नरथुआं गांव के समीप मकान में लगी आग के दौरान बगल के कमरे में रखे भरे हुए 25 सिलिंडरों का ब्योरा पुलिस को मौके पर नहीं मिल पाया। पुलिस ने प्रथम दृष्टया इन सिलिंडरों को अवैध भंडारण मानते हुए कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। लोगों ने बताया कि कमरे में रखे गए गैस के सिलिंडर सत्यम गो-एजेंसी के थे, जो कि हाल ही में नई एजेंसी बनी है। बताया जाता है कि एजेंसी संचालक ने सिलिंडरों को अपने यहां गोदाम में न रखकर बाबा जायसवाल के कमरे में रख कर कुछ दिन के बाद ले जाने की बात कही थी। बताया जाता है सत्यम गो- एजेंसी उपरौठ गांव निवासी किसी व्यक्ति की है। पुलिस क्षेत्राधिकारी लेखराज सिंह ने बताया स्थिति भयावह थी। अगर गैस सिलिंडर में आग पकड़ती तो पूरा मकान धराशाई हो सकता था। पुलिस जांच कर रही है कि आखिर यह गैस सिलेंडर यहां कैसे रखे गए और किसके हैं।
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घंटों रुका रहा यातायात
औराई। नरथुआं की अगलगी से पूरे जिले की पुलिस को एलर्ट कर दिया गया। इसका असर जौनपुर-भदोही मार्ग के यातायात पर भी पड़ा। हाईवे के पश्चिमी लेन पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया और बस, ट्रक जहां-तहां खड़े हो गए। इससे वाहनों की लंबी कतार लग गई।
आग से डेढ़ घंटे तक अफरातफरी का माहौल रहा। मौके पर ज्ञानपुर भदोही से फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को बुलाना पड़ा। अगलगी को लेकर लोग सहमे नजर आ रहे थे।