दिन में भी वाहनों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो गई थी।
पिछले कई दिनों से पड़ रहे कोहरे का असर बुधवार को तेज हो गया। भोर से ही कोहरा पड़ना शुरू हो गया, जो दिन चढ़ने तक जारी रहा। इससे दृश्यता बेहद कम होने के चलते सड़कों पर यातायात और ट्रेनों की गति पर ब्रेक लग गया।
हाईवे पर वाहन बेहद धीमी गति से चलते नजर आए। एक से सवा घंटे में पूरी होने वाली गोपीगंज से बनारस तक की दूरी बस यात्रियों को ढाई घंटे से भी ज्यादा समय में पूरी करनी पड़ी।
स्कूल जाने वाले बच्चों को भी ठंड में ठिठुरते हुए जाना पड़ा। वाहन दिन में भी लाइट जलाकर चल रहे थे। बुधवार को तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान गिरकर 25 डिग्री पर पहुंच गया।
जिले का न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्शियस दर्ज किया गया। अब तक इनर और हाफ स्वेटर से काम चला रहे लोग जैकेट और टोपी से लदे नजर आए।
ग्राम्यांचलों में कोहरे का असर ज्यादा रहा। हालांकि कोहरे को गेहूं की खेती के लिहाज से फायदेमंद माना जा रहा है। जानकारों का मानना है कि ठंड पहले ही देर से शुरू हुई है।
अगर अब नहीं पड़ेगी तो किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा। औराई इलाके के किसान जयशंकर यादव ने कहा कि दिसंबर में भी जिस तरह की गर्मी मौसम में थी, उससे लग रहा था कि गेहूं पैदा नहीं हो पाएगा। इसी तरह श्यामजी मौर्या ने कहा कि कोहरा अभी नियंत्रित है। अगर ज्यादा हुआ तो आलू और फूल ले चुकी अरहर के लिए नुकसानदेय हो सकता है।