गंगा दशहरा के अवसर पर बृहस्पतिवार को भोर से ही श्रद्धालुओं की गंगा घाटों पर भीड़ पहुंच गई। रामपुर गंगा घाट, बारीपुर, बनकट, डीघ, अरई, खेमापुर, कुड़ीकला, कुड़ी खुर्द, धनतुलसी, कला तुलसी आदि घाटों पर श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई।
इस मौके पर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। रामपुर गंगा घाट पर नगर पालिका की ओर से गंगा घाट की साफ-सफाई कराई गई थी। ऐसी मान्यता है कि इस दिन स्नान करने से दुखों का नाश होता है और मोच्छ की प्राप्ति होती है। उधर, सीतामढ़ी में स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिरों में जाकर जलाभिषेक कर पुण्य लाभ की कामना की। अक्षय वट, श्री सीता समाहित स्थल मंदिर, महर्षि वाल्मीकि आश्रम, उड़िया बाबा आश्रम, श्री सीताधाम, मौनी बाबा आश्रम, बाबा धवासा नाथ स्वयंभू महादेव मंदिर आदि देव स्थलों में भगवान शंकर का जलाभिषेक किया गया। गंगा तट पर मां गंगा की भव्य आरती का कार्यक्रम भी संपन्न हुआ। इसी क्रम में लोगों ने घोसिया घाट पर भी गंगा में स्नान किया।