फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

21 चौकियों से बाढ़ की निगरानी

विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञानपुर। मानसूनी बारिश शुरू होने के साथ ही जल प्लावन से प्रभावित 116 गांवों में बचाव के लिए प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। निगरानी के लिए गंगा-वरुणा और मोरवा के किनारे 21 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई है। डीएम राजेंद्र प्रसाद ने स्वास्थ्य, आपूर्ति, कृषि, पशुपालन समेत अन्य सरकारी विभागों को हर समय तैयार रहने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन

करीब महीने भर से हो रही बारिश के कारण गंगा समेत अन्य छोटी नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। भविष्य में संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से बाढ़ नियंत्रण की कवायद शुरू कर दी गई है। ज्ञानपुर, सुरियावां, भदोही, डीघ और औराई के 193 प्रभावित होने वाले गांवों में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की प्रक्रिया हो रही है। जल प्लावन होने से ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। एक ओर जहां पशुओं के चारा की दिक्कत हो जाती है, वहीं दूसरी ओर कच्चे मकान जमींदोज हो जाते हैं। सुरक्षा की दृष्टि से 21 बाढ़ चौकियों के साथ ही साथ सौ से अधिक छोटी और बड़ी नावों की व्यवस्था की गई है। जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि पिछले दिनों बाढ़ नियंत्रण की तैयारी की समीक्षा की गई थी। पशुपालन, स्वास्थ्य, कृषि और आपूर्ति विभाग को तैयार रहने के लिए निर्देश दिया गया था। प्रशासनिक आंकड़ों पर गौर किया जाए तो बाढ़ या जल प्लावन की दशा में गंगा, मोरवा और वरुणा से सटे गांवों में 38 हजार 448 लोग प्रभावित होते हैं।
यहां स्थापित है बाढ़ चौकियां
विकास खंड औराई में डेरवां, खमरिया, द्वारिकापुर, सहसेपुर, डीघ ब्लॉक में धनतुलसी, लखनपुर, भदरांव, कटरा, इटहरा, कलिजरा, इनारगांव, बिहरोजपुर, सुरियावां में करियांव, अबरना, सांडा, रामनगर भदोही में सर्रोई, मुंसीलाटपुर, तुलसीचक, मईहरदोपट्टी और ज्ञानपुर विकास खंड में रमईपुर, मतेथु, कसियापुर, श्रीकांतपुर और भगवानपुर आदि गांवों में बाढ़ चौकी स्थापित की गई है।
विज्ञापन

बाढ़ राहत के लिए दो करोड़ का प्रस्ताव
ज्ञानपुर। जिले में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए विभागों की ओर से खर्च का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। अकेेले पशुधन विभाग की ओर से एक करोड़ नौ लाख पांच हजार का प्रस्तावित बजट खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। स्वास्थ्य, पूर्ति और कृषि विभाग को जोड़ दें तो यह आंकड़ा दो करोड़ के करीब पहुंच जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें