सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गईं सूचनाएं न देने पर राज्य सूचना आयोग ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मी सिंह समेत पांच अधिकारियों पर तीन लाख का जुर्माना लगाया है। डीएम को पत्र भेजकर उनके वेतन से वसूली का आदेश दिया। सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के अधीन आवेदक विभागों से सूचनाएं मांगते हैं, लेकिन निर्धारित समय 30 दिन बीत जाने के बाद भी सूचनाएं नहीं दी जाती।
भदोही के सुजातपुर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता आदर्श त्रिपाठी ने सीएमओ, जिला विद्यालय निरीक्षक सहित छह अधिकारियों से विभाग से जुड़ी सूचनाएं मांगी थीं। कई बार आवेदन करने के बाद भी सूचनाएं न उपलब्ध होने पर आवेदक ने आयोग में गुहार लगाई। आयोग का पत्र आने के बाद भी विभागों की ओर से मांगी गई सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं।
इसको संज्ञान में लेते हुए राज्य सूचना आयुक्त ने सीएमओ डा. लक्ष्मी सिंह पर एक लाख, ईओ गोपीगंज अमिता सिंह पर एक लाख, जिला विद्यालय निरीक्षक पर 50 हजार, खंड शिक्षा अधिकारी अभोली पर 25 हजार और सीएचसी औराई के अधीक्षक पर 25 हजार का जुर्माना लगाया। जिलाधिकारी को पत्र भेजकर संबंधित अधिकारियों के वेतन से वसूली का आदेश दिया।