भदोही। भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के कारपेट सिटी योजना में प्लाट आवंटित कराकर व्यावसाय शुरू नहीं करने वालों को 5 से 10 प्रतिशत तक का अर्थदंड लगाया है। प्राधिकरण ने आवंटियों को कारोबार शुरू करने का एक और मौका दिया है। हालांकि आवंटन को निरस्त होने से बचाने के लिए उन्हें 5 से 10 प्रतिशत तक अर्थदंड देना होगा। बृहस्पतिवार को बीडा में आवंटियों के साथ तीसरे दौर की बैठक में कड़े शर्तों के साथ डीएम विशाल सिंह ने आवंटन नीरस्तीकरण आदेश को वापस लेने के निर्देश दिए थे।
बीडा की कारपेट सिटी योजना बसाने के लिए आवंटित लगभग 92 प्लाट वर्षों बाद भी आज तक खाली पड़े हैं। कुछ ने भवन मानचित्र ही नहीं बनवाए तो कुछ ने मानचित्र बनवाकर भी निर्माण नहीं कराया। यहां तक कुछ आवंटी तो ऐसे हैं जिन्होंने आवंटन की रजिस्ट्री भी नहीं कराई है। ऐसे लोगों पर सख्त रुख अपनाते हुए गत दिनों बीडा के प्रभारी सीईओ डीएम ने ऐसे सभी आवंटन रद्द करने की नोटिस जारी कर दी थी। इसके बाद से लोगों में खलबली मच गई। हालांकि नोटिस के जवाब में लोगों ने अपनी तरह-तरह की परेशानियां बताकर कुछ और मोहलत मांगी तो डीएम फिर से विचार को तैयार हो गए।
कोट
आवंटियों के साथ तीन दौर की मीटिंग के बाद डीएम ने सभी पर भूमि की कीमत का 5 प्रतिशत और 10 प्रतिशत अर्थदंड लगाते हुए अगले वर्ष 30 जून तक वहां व्यवसाय प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। लोग अर्थदंड भरेंगे तथा एक वर्ष के अंदर व्यवसाय शुरू करने का शपथपत्र देंगे तभी लोगों को एक वर्ष का अतिरिक्त समय दिया जाएगा अन्यथा वे इस मोहलत का लाभ नहीं उठा सकेंगे।
अनिता देवी, उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी,बीडा