नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के कारण सतर्कता बढ़ा दी गई है। नाइट कर्फ्यू भी लगा दिया गया है। रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक बाजारों में अनावश्यक रूप से निकलने पर पाबंदी है, जबकि दिन में कई स्थानों पर लोग बेपरवाह बने हुए हैं। अस्पताल, बाजार और रेलवे स्टेशनों पर लोग बगैर मॉस्क के देखे जा रहे हैं। सोशल डिस्टेसिंग का पालन भी चुनिंदा लोग ही करते दिख रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि समय रहते लोग नहीं चेते तो समस्या गंभीर हो सकती है।
कोराना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की दस्तक और जनवरी-फरवरी में कोरोना की संभावित तीसरी लहर की चेतावनी के बाद जहां विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गए हैं, वहीं जनता अब भी लापरवाह नजर आ रही है। अस्पताल में मरीजों से लेकर तीमारदार तक बिना मॉस्क के पहुंच रहे है। वहीं बाजारों में भीड़ जुट रही है। लोग बगैर मास्क के पहुंच रहे हैं और खरीदारी कर रहे है। दुकान पर कर्मी भी बिना मॉस्क लगाए लोगों को सामान दे रहे हैं। रोडवेज बस में भी यात्री लापरवाही बरत रहे हैं। बसों में अधिकांश लोग बिना मॉस्क के यात्रा कर रहे हैं। ज्ञानपुर, गोपीगंज, सुरियावां, भदोही, ऊंज, घोसिया, औराई आदि बाजारों में बिना मॉस्क के घूमते और खरीदारी करते देखे जा रहे हैं। अगर ऐसी स्थिति रही तो आने वाले समय में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय शर्मा का कहना है कि गाइड लाइन का पालन करके ही कोरोना संक्रमण से बचा जा सकता है। टीकाकरण कराने वालों को भी गाइड लाइन का पालन करना अनिवार्य है। सभी की जिम्मेदारी है कि सतर्क और सजग रहें। ताकि कोरोना के संभावित खतरे से खुद बचा जा सके और दूसरों को भी इसके लिए सतर्क करें।