दुर्गागंज। अभोली विकास खंड के गौरा गांव में लगा राजकीय नलकूप कई माह से विभागीय लापरवाही से बंद है। इससे फसलों की सिंचाई को लेकर किसान परेशान है। शिकायत के बाद भी ध्यान न देने से नाराजगी बढ़ती जा रही है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह में नलकूप की हालत सुधार कर सिंचाई योग्य नहीं कराया तो वे जिलाधिकारी का घेराव करने को विवश होंगे।
अभोली के गौरा गांव में लगा राजकीय नलकूप तकनीकी खामियों से एक साल से बंद है। इससे आसपास के दो से तीन राजस्व गांव की सैकड़ो बीघे फसल की सिंचाई को लेकर किसानों को परेशान होना पड़ता है। निजी पंपिगसेट पर उनका आर्थिक शोषण होता है। किसान रमेश कुमार, नगोली सिंह, शिव कुमार, विकास, रामसूरत, अशोक कुमार का आरोप रहा कि एक ओर केंद्र और प्रदेश की सरकार किसानों को सुदृढ़ बनाने के लिए खजाना खोल दिया लेकिन विभागीय भ्रष्टाचार के कारण किसानों की हालत नहीं सुधर पा रही है। मामला धान के समय का रहा हो या गेहूं के समय। हर बार किसान तरह-तरह की समस्याओं का सामना कर उत्पादन का मार झेलते हैं। बार-बार होने वाली सिंचाई बंधु की बैठक, जिला स्तरीय मीटिंग और आधा दर्जन से अधिक जनपद में किसानों की हितैषी बनने वाली किसान यूनियन का रवैया भी कम जिम्मेदार नहीं है। प्राकृतकि मार की बात हो या सिंचाई, खाद, बीज की हर जगह परेशान होना पड़ता है। खेतों तक पहुंचने वाली सिंचाई योग्य नाली-कुलाबा क्षतिग्रस्त होकर अतिक्रमण का शिकार हो रही हैं लेकिन विभाग सबकुछ जानने के बाद भी समस्याओं से छुटकारा दिलाने में असमर्थ बना हुआ है। यही स्थिति नहर विभाग की है,सफाई के नाम अब लाखों रुपए खर्च कर दिए बावजूद इसके मुख्य नहर, राजवाहा, लिंक माइनर जंगली झुरमुटों से पटे हैं। नहर से निकली नालियां अपना नामोनिशान तक समाप्त होने की कगार पर पहुंच चुकी हैं लेकिन कोई किसानों का सुनने वाला नहीं है।