किसान पारदर्शी योजना के माध्यम से अधिक किसानों को योजना की जानकारी देकर उन्हें लाभान्वित किया जा सकता है। किसान खुशहाल रहेगा तो देश की तरक्की होगी। किसानों की अनदेखी करने वाले अफसरों को दंडित किया जाएगा।
यह बातें जिलाधिकारी नरेंद्र शंकर पांडेय ने सोमवार को विकास भवन परिसर में किसान पारदर्शी योजना के एक दिवसीय कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि कहीं।
उन्होंने कहा कि मठाधीशों के बजाए सरकार जरूरतमंदों तक योजना का लाभ पहुंचाना चाह रही है। पूर्व में कुछ चुनिंदा किसानों को ही अनुदानित योजना का लाभ मिल पाता था लेकिन इससे सभी किसान लाभ पाएंगे।
किसानों से आग्रह किया कि वह 31 मार्च तक अपना आवेदन कर दें। उन्होंने किसानों से सोलर पंप योजना लगवाने पर जोर दिया, कहा कि इससे पर्यावरण प्रदूषण कम होगा साथ ही किसान कम पैसे में खेतीबारी कर सकेगा।
कृषि विशेषज्ञ रामकुबेर यादव ने दलहनी फसलों में लगने वाले कीड़े-मकोड़े से बचावे के लिए जानकारी दी। इस दौरान कृषि रक्षा रसायनों से अवगत कराया।
कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के वैज्ञानिक डा. राजेंद्र प्रसाद ने पशुओं में फैलने वाली बीमारियों के रोकथाम के बारे में अवगत कराया और पशुओं को संतुलित आहार देने पर जोर दिया।
कहा कि संतुलित आहार दिए जाने से पशुओं को बेहतर स्वास्थ्य देने के साथ ही उनकी शक्ति को बरकरार रखें। कार्यशाला के दौरान विभिन्न ब्लाकों से आए किसानों को पारदर्शी योजना का फार्म वितरित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं सफल संचालन उप निदेशक कृषि डा. आरके मौर्य ने किया। इस मौके पर डीडीओ सुनील श्रीवास्तव के अलावा ग्राम प्रधान शिवभूषण उपाध्याय, एके चौबे,
रामअकबाल तिवारी, रामेश्वर सिंह, सुरेंद्र पाल सहित कई प्रगतिशील किसानों की मौजूदगी रही।