रविवार सुबह से शुरू हुई बारिश से किसानों की मुसीबत को बढ़ा दी है।
खेतों में तैयार फसल को आंखो के सामने नष्ट होता देख किसान माथे पर हाथ रखकर सोचने को विवश हो गए हैं। बारिश से नगरीय इलाकों में कीचकाच होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पिछले एक साल से मौसम में बदलाव से किसान परेशान हो गए हैं। बारिश के सीजन में अच्छी बारिश न होने से पहले ही किसान परेशान हो चुके हैं।
आधे अधूरे खेतों में धान लगाने के बाद गेहूं की बुआई करने वाले किसान मौसम के मिजाज से परेशान हो गए हैं। जनवरी माह से ही मौसम के बदलते रूख से हर कोई परेशान है।
मार्च माह के शुरूआत में बारिश और तूफान से किसानों को काफी नुकसान हो चुका हे। बारिश के बाद एक सप्ताह तक मौसम साफ रहा लेकिन बृहस्पतिवार से एक बार फिर मौसम ने करवट बदली।
आसमान में बादलों की दस्तक के बाद रविवार को सुबह से ही बारिश शुरू हो गई है। पहले ही तूफान की मार सह चुके किसानों को अब बारिश ने परेशान कर दिया है।
खेतों में तैयार गेहूं, सरसो समेत अन्य तिलहनी फसलों के लिए बारिश काफी नुकसानदायक होगी। बेमौसम बारिश के चलते नगर से लेकर गांव तक कीचड़ ही कीचड़ नजर आने लगा है।
बारिश को देखते हुए किसान खलिहान में रखे सरसो, तिल्ली, तीसी की फसलों को सुरक्षित स्थान पर रख दिए हैं।
उप निदेशक कृषि डा. आरके मौर्य ने बताया कि मानसून का बदलाव चिंतनीय है।
बारिश न रूकने पर फसलों के लिए नुकसानदायक होगा। गेहूं सहित तिलहनी फसलों की फलियां इससे नष्ट हो सकती हैं। पानी लगने से वह सड़ने लगती हैं।