धान खरीद की व्यवस्था में शासन स्तर से बदलाव किया गया है। अब कोई भी किसान टोकन के बगैर किसी भी केंद्र पर धान नहीं बेच पाएगा। इसके लिए शुक्रवार से व्यवस्था में बदलाव भी शुरू कर दिया गया। बदलाव की वजह से पूरे दिन कई केंद्रों पर खरीद प्रभावित रही। कुछ केंद्रों पर खरीद तो हुई, लेकिन उसे ऑनलाइन नहीं किया जा सका। उधर, एक और बदलाव किया गया है, जिसमें मंडी परिषद के केंद्रों को छोड़कर अन्य सभी केंद्रों पर एक-एक कांटा लगाकर धान की खरीद कराने का निर्णय लिया गया।
जिले के सुरियावां स्थित साधन सहकारी समिति पर खरीदे गए धान का उठान नहीं होने की वजह से वहां खरीद चार दिन से बंद है। इसी तरह से घोसिया किसान सेवा सहकारी समिति और साधन सहकारी समिति खमरिया के गोदाम में काफी ज्यादा धान डंप पड़ा है। यही हाल कैयरमऊ, पिपलिनी, भरतपुर समिति का भी है। घोसिया समिति के सचिव रामेश्वर तिवारी ने कहा कि लक्ष्य चार हजार क्विंटल का है। इसमें से 1396 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। उठान महज 360 क्विंटल का हुआ है। इन केंद्रों पर शुक्रवार को पॉस मशीन पर किसानों का अंगूठा नहीं लेने से खरीद में परेशानी हुई। यहां किसानों के धान को तौल कराकर अलग रखवा लिया गया। भवानीपुर के किसान ओमकार नाथ शुक्ला ने बताया कि अंगूठा नहीं लेने से दिक्कत हो रही है। शुकुलपुर के रमाकांत शुक्ला ने भी समस्या गिनाई। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि अब टोकन के बगैर धान की खरीद नहीं होगी। किसान ऑनलाइन टोकन निकाल सकते हैं। केंद्र पर उसी टोकन के अनुसार खरीद होगी। इसके साथ ही शासन के निर्णयानुसार मंडी परिषद को छोड़कर अन्य केंद्रों पर अब केवल एक-एक कांटा लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि धान के उठान को लेकर थोड़ी दिक्कत है। यह समस्या एक दो दिन में दूर कर ली जाएगी। सुरियावां में शनिवार को धान का उठान कराया जाएगा।