भदोही। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राजकीय महाविद्यालय में नवाचार परिषद की ओर से मंगलवार को इंपैक्ट लेक्चर सीरीज का आयोजन हुआ। इसमें विशेषज्ञों की ओर से नवाचार की छात्राओं को जानकारी दी गई। डिजाइन इनोवेशन सेंटर, बीएचयू के डॉ. मनीष अरोड़ा ने छात्राओं को नवाचार की सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
बताया कि ओला, स्विग्गी, व्हाट्सएप जैसे एप नवाचार के बेहतर उदाहरण हैं। नवाचार के लिए सबसे जरूरी अपने आसपास घट रही घटनाओं, समस्याओं और परिवेश को समझाना जरूरी होता है। इसके लिए कोई विशेष डिग्री नहीं, बल्कि छोटे-छोटे प्रयासों और धैर्य से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। हर प्रसाद गुप्त इनक्यूबेशन सेंटर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के निदेशक प्रो. मोहम्मद आरिफ ने कहा कि विचारों को उचित प्लेटफार्म के माध्यम से इनक्यूबेट करके सफल उद्यमी बना जा सकता है। नवाचार और उद्यमशीलता परिवार, समाज और देश की उन्नति में सहायक होता है। वसंत महिला महाविद्यालय की डॉ. श्रेया पाठक ने उद्यम में महिलाओं के योगदान पर चर्चा की। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. शाहिद परवेज और संचालन इनोवेशन एंबेसडर डॉ. रुस्तम अली, डॉ.शिखा तिवारी ने किया। डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मौके पर डॉ. अनुराग सिंह, डॉ. सुजीत कुमार सिंह, डॉ. रणजीत सिंह, बृजेश कुमार, डॉ. भावना सिंह, डॉ. राजकुमार सिंह यादव, डॉ. माया यादव आदि रहीं।