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Bhadohi News: गांव में दस तो शहर में पांच घंटे कट रही बिजली

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ज्ञानपुर। बारिश के बाद एक बार फिर से गर्मी बढ़ी तो बिजली निगम की वितरण व्यवस्था बेपटरी हो गई है। हाल यह है कि ग्रामीण क्षेत्र में दस तो शहरी क्षेत्र में पांच घंटे की कटौती हो रही है। बिजली आने के बाद ज्यादातर क्षेत्र में उपभोक्ता ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज से भी परेशान हैं। बीते 24 घंटे में जनपद के कई उपकेंद्रों में 22 बार ट्रिपिंग हुई है। यह हाल तब है जब बीते दो सालों से चल रही लगभग 100 करोड़ की आरडीएसएस योजना के तहत जिले के 80 फीसदी जर्जर तार व उपकेंद्र के पुराने उपकरण बदले जा चुके हैं। जनपद की 20 लाख की आबादी को बिजली उपलब्ध कराने के लिए नौ विद्युत वितरण खंड हैं। 29 उपकेंद्रों से बिजली आपूर्ति की जाती है।
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किस उपकेंद्र से कितनी देर हुई कटौती
उपकेंद्र का नाम फीडरों की संख्या कटौती के घंटे प्रभावित आबादी
लालानगर 03 06 30 हजार
चकापुर 03 04 20 हजार
औराई 04 05 80 हजार
सुरियावां 02 08 50 हजार
मिश्राइनपुर 03 07 25 हजार
चौरी 03 कोई निर्धारित समय नहीं 40 हजार

15 मेगावॉट बिजली की बढ़ी खपत
अधीक्षण अभियंता राधेश्याम ने बताया कि इन दिनों गर्मी बढ़ने से 15 मेगावॉट बिजली की खपत बढ़ गई है। बीते सप्ताह मौसम सामान्य था, उस दौरान 245 मेगावॉट बिजली की खपत हो रही थी। बारिश के बाद एक बार फिर से गर्मी बढ़ गई है। वर्तमान में 260 मेगावॉट बिजली की खपत हो रही है।




शाम होते ही शुरू होती है ट्रिपिंग, अधिकारी बता रहे हैं ओवरलोड
बारिश के बाद गर्मी बढ़ गई है। शाम के समय भयंकर उमस से आमजन परेशान रह रहे हैं। इधर शाम होते ही बिजली के लोकल फॉल्ट बढ़ जा रहे हैं। कहीं, ट्रांसफॉर्मर का डीओ उड़ जा रहा है तो कहीं मेन लाइन का जंपर उड़ जा रहा है। बिजली विभाग के अधिकारी लाइन पर ओवरलोड होने की राग अलाप रहे हैं।
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खेती-किसानी में भी हो रही परेशानी
कटौती, ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज से खेती-किसानी प्रभावित हो रही है। लो-वोल्टेज के कारण नलकूप और पंपिंग सेट नहीं चल रहा है। इस समय धान की रोपाई चल रही है। किसान योगेश पांडेय, अभिषेक उपाध्याय, संजय पांडेय, नागेंद्र शुक्ला, अतुल मिश्रा, पप्पू यादव ने बताया कि बिजली संकट से खेती प्रभावित हो रही है।




गर्मी बढ़ने से बिजली की खपत बढ़ गई है। ओवरलोड के कारण इधर बीच लोकल फॉल्ट बढ़ गए हैं। इसे ठीक करने के लिए शट डाउन लेना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्र में कटौती का रोस्टर बना है। उसके अनुरूप कटौती की जाती है। बड़ा फॉल्ट आने की दशा में कटौती के घंटे बढ़ाने पड़ते हैं। फिर भी निगम का प्रयास है कि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिले। - राधेश्याम, एसी, बिजली निगम, वितरण
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