24 अक्टूबर को मोहर्रम की दसवीं के चलते प्रशासन दोनो पर्वों को लेकर गत एक पखवारे से हलाकान था। भदोही नगर के 49 व नईबाजार की तीन प्रतिमाओं को छोड़ बाकी प्रतिमाएं बाईपास मार्ग से रवाना हुईं।
प्रशासन की तैयारी थी कि दोपहर 12 बजे तक सभी प्रतिमाएं एकमा तिराहे पर पहुंच जाएंगी ताकि दोपहर 2 बजे तक विसर्जन जुलूस को अजिमुल्लाह चौराहे से आगे रवाना कर दिया जाए। पुलिस की तैयारी सटीक रही और समय से प्रतिमाएं ऊगापुर की ओर रवाना हो गईं। जुलूस में हजारों की संख्या में शामिल भक्त मां के जय जयकारे लगाते आगे बढ़ रहे थे। कई पंडालों के साथ श्रद्धालुओं की टोली थी जो नाचते गाते चल रहे थे। भदोही नगर के तकिया कल्लन शाह मस्जिद के पास भारी फोर्स तैनात की गई थी। इसके अलावा पुलिस ने सामाजिक लोगों से भी सहयोग लिया जिससे गत वर्षों के मुकाबले इस वर्ष एक घंटा पहले प्रतिमाएं संवेदनशील इलाके से गुजर गईं। सायं चार बजे अंतिम प्रतिमा लिप्पन तिराहे से आगे बढ़ते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों समेत संभ्रांत लोगों ने राहत की सांस ली। जिसके बाद नागरिकों ने पुलिसि को और पुलिस ने नागरिकों को बधाई दी।
विसर्जन जुलूस के लिए प्रशासन द्वारा भारी पुलिस लगाने के साथ साथ कई स्थानों पर सीसी कैमरे और छतों पर पुलिस बल भी तैनात किया गया था जो दूरबीन से लैस थे। सुरक्षा व्यवस्था की कमान अपर पुलिस अधीक्षक लल्लन प्रसाद यादव ने संभाल रखी जिनके नेतृत्व में एसडीएम भदोही आशाराम यादव, सीओ एपीसिंह, शहर कोतवाल अजय श्रीवास्तव सब जुलूस के साथ साथ लगे रहे। जुलूस निकल जाने के बाद पुलिस ने विशेष रूप से एडवोकेट विकास यादव, उमेश कुमार गुप्ता मुन्ना, विनीत बरनवाल, सुभाष मौर्य, राजेश जायसवाल, ओम सिंह, प्रिय कुमार श्रीवास्तव, शिवशंकर यादव, रवि जायसवाल, ब्रम्ह जायसवाल, अविनाश चौरसिया, ओम प्रकाश श्रीवास्तव, राजेंद्र मौर्य, अमित सिंह, पंकज जयसवाल, प्रिंस गुप्ता, कमलेश जायसवाल आदि के प्रति आभार जताया।