कालीन नगरी में गर्मी ने अब अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। तापमान बढ़ने से चिकित्सालयों में मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। सबसे ज्यादा मरीज पेट दर्द, बुखार, उल्टी-दस्त के आ रहे हैं। ऐसे में उन्हें डॉक्टर दवा के साथ जरूरी सुझाव भी दे रहे हैं, ताकि आने वाली भीषण गर्मी में लोग बीमारी से अपना बचाव कर सकें।
शुक्रवार को ज्ञानपुर के महाराज चेत सिंह जिला चिकित्सालय में मरीजों की संख्या काफी ज्यादा रही। ओपीडी और आपातकालीन विभाग में कुल 650 मरीज उपचार कराने के लिए आए। जिसमें बुखार, उल्टी-दस्त, खांसी आदि के मरीज ज्यादा थे। चिकित्सक से दवा लेने के बाद भी तीमारदार और मरीज चिकित्सालय में धूप की वजह से इधर-उधर भटकते नजर आए। ओपीडी में 635 मरीज और आपातकाल विभाग में 15 मरीज आए। चिकित्सकों का कहना है कि जैसे-जैसे गर्मी का असर बढ़ेगा, पेट से संबंधित बीमारी अधिक होने लगेगी। ऐसे में बुजुर्गों, बच्चों को विशेष सावधान रहने की जरूरत है। यदि लोग थोड़ी सावधानी बरतें तो काफी हद तक राहत मिल सकती है। बीते एक सप्ताह की बात करें तो ओपीडी में मरीजों की संख्या 600 से ज्यादा ही रही है, जबकि पहले 500 तक मरीज आते थे। घसकरी की माला देवी को कल से ही बुखार, खांसी के साथ उल्टी आ रही थी। वे अपने को दिखाने ओपीडी में पहुंची तो चिकित्सक ने स्वच्छ खाना और दवा की सलाह दी। ज्ञानपुर निवासी शिवम पांडेय के पेट में दर्द होने पर इलाज कराया गया। इसी तरह अन्य मरीजों की भी शिकायत थी। बीते साल 11 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 19.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। इस साल 11 मार्च को अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार अब तापमान में वृद्धि होगी। शनिवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। इस मौसम में घबराने की जरूरत नहीं है। बस थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है। शिशु रोग विशेषज्ञ राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने कहा कि डायरिया हर मौसम में होती है। बड़े, बुजुर्ग और बच्चों को भी होती है। इसमें सावधानी जरूरी होती है। इस समय गर्मी बढ़ रही है तो बच्चों में भी यह समस्या आम हो सकती है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक प्रदीप यादव बताते हैं कि ताजा भोजन करें और सावधानी बरतें तो बच सकते हैं।