ज्ञानपुर। शारदीय नवरात्र की सप्तमी तिथि पर शनिवार को पूजा पंडाल मां दुर्गा की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही माता के जयकारों से गूंज उठे। गोपीगंज में 75 लाख रुपये की लागत से सजे दुर्गा पूजा पंडाल में सप्तमी के दिन मां की प्रतिमा स्थापित करके प्राण-प्रतिष्ठा की गई। उधर, दर्शन-पूजन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
दुर्गा पूजा पंडाल की सजावट और लाइटों की आकर्षण ढंग से सजावट की गई है। सजावट देख लोग मंत्रमुग्ध रहे। गोपीगज और औराई के अमवा गांव में सप्तमी पर पंडाल में मां दुर्गा की प्राण प्रतिष्ठा की गई। देवी मंदिरों में जहां सुबह से ही दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं, वहीं ग्रामीण अंचलों में सजे पूजा पंडालों में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्राण प्रतिष्ठा के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर दर्शन-पूजन का शुभारंभ हुआ। गोपीगंज नगर के काली मोहाल स्थित मां सिंह वाहिनी शृंगार समिति शिवम क्लब के पंडाल में विशेष अनुष्ठान का आयोजन किया गया। पुरोहित शशि कला पाठक और विनय पाठक ने वैदिक मंत्रों के बीच प्राण प्रतिष्ठा कराई।
प्रमुख यजमान के रूप में पूर्व विधायक डाॅ. उदयभान सिंह के बेटे आशीष कुमार सिंह ने विधिवत पूजन-अर्चन कर मां की आरती की और लोगों के सुख-समृद्धि की कामना की।
उन्होंने कहा कि आदि काल से चली आ रही हमारी संस्कृति और धार्मिक परंपराएं ही हमारे पर्व-त्योहारों की आत्मा हैं। इन्हें संजोए रखना और भव्य स्वरूप देना हम सबकी जिम्मेदारी है। इस दौरान रामकृष्ण खट्टू, नरऊरी गुरु, सुरेश तिवारी, मोहित बाबू, राजकुमार कौशल,विजय मोदनवाल, डब्लू मौर्य,मनीष मौर्य, दीपक प्रजापति, महेश गुप्ता (पंडा), धीरज सिंह, मंटू सिंह, मिट्ठू जायसवाल आदि मौजूद रहे। भदोही के रेवड़ा परसपुर, ज्ञानपुर, भदोही, सुरियावां, औराई, चौरी, अभोली, मोढ़ आदि स्थानों पर भी मां की प्रतिमा स्थापित है। आकर्षक ढंग से सजाए गए पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित होते ही पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। प्रमुख पंडालों के पास सुरक्षा व्यवस्था चुस्त दुरुस्त है। शाम को आरती के समय काफी संख्या में लोग मौजूद रहते हैं।