सीतामढ़ी। प्रभु श्रीराम और माता सीता के सुपुत्र लव कुश कुमारों के जन्मोत्सव पर रविवार को गंगा घाट पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर दान पुण्य किया। आषाढ़ शुक्ल पक्ष नवमी पर गंगा स्नान कर महर्षि वाल्मीकि आश्रम स्थित प्राचीन सीता मंदिर में लव-कुश कुमारों का दर्शन पूजन किया। विशाल मेले को कोरोना वायरस के कारण रद्द कर दिया गया।
नवमी के कारण सुबह से ही दूरदराज के श्रद्धालु सीतामढ़ी पहुंचकर पतित पावनी मां गंगा में डुबकी लगाकर लवकुश कुमारों का दर्शन पूजन किया। मान्यता है कि त्रेतायुग में आषाढ़ शुक्ल पक्ष नवमी को महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में लव-कुश कुमारों का जन्म हुआ था। कुमारों के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में पुरातन काल से ही नौ दिवसीय विशाल धार्मिक मेले का आयोजन होता है। यह दूसरा वर्ष है जब कोरोना वायरस को देखते हुए मेले को रद्द करना पड़ा। भीड़ होने की संभावना के मद्देनजर श्री सीता समाहित स्थल मंदिर परिसर और सुप्रसिद्ध हनुमान मंदिर को बंद रखा गया था। प्रबंधक कैलाश चंद के अनुसार कोरोना वायरस को देखते हुए मेले के दिन मंदिर को बंद रखा गया।